चंडीगढ़ पुलिस का ASI और कॉन्स्टेबल सस्पेंड:सेवक फार्मेसी गोलीकांड से जुड़े तार, आरोपी ने किया रेव पार्टी का खुलासा

चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर-32 स्थित सेवक फार्मेसी गोलीकांड मामले में एएसआई अजयपाल पाली और कॉन्स्टेबल अविनाश को संस्पेड कर दिया गया है। विभागीय जांच में दोनों पुलिसकर्मियों के नाम सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया। कुछ दिन पहले ही कास्टेबल अविनाश को लाइन हाजिर किया गया था। आरोपी राहुल बिष्ट ने पुलिस पूछताछ में सरकारी डॉक्टरों को लेकर चंडीगढ़ के क्लबों और बाहर रेव पार्टी करवाने का दावा किया था, लेकिन इसे लेकर अभी तक पुलिस ने कोई खुलासा नहीं किया है कि वे डॉक्टर कौन हैं और रेव पार्टी शहर के किस क्लब में होती थी। इसका खुलासा अभी तक क्राइम ब्रांच ने नही किया है। गैंगस्टरों तक पहुंचते थे रसूखदारों के नंबर सूत्रों के अनुसार सेक्टर-46 निवासी राहुल बिष्ट को क्राइम ब्रांच पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वह पहले सेक्टर-31 में लैब चलाता था और बाद में सेक्टर-32 में शिफ्ट हो गया था। आरोप है कि वह इलाके के आर्थिक रूप से संपन्न लोगों की रेकी करता था और उनके मोबाइल नंबर गैंगस्टरों तक पहुंचाता था। बताया जा रहा है कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गे साबा गोबिंदगढ़ से उसकी नजदीकियां थीं। रसूखदार लोगों के नंबर साबा तक पहुंचाए जाते थे, जिसके बाद उन्हें करोड़ों रुपये की रंगदारी के लिए जान से मारने की धमकियां मिलती थीं। सूत्रों ने बताया कि जब पीड़ित थाने में शिकायत लेकर पहुंचते थे तो उन्हें कार्रवाई के बजाय और डरा दिया जाता था। इसके बाद एसआईटी के माध्यम से रंगदारी की रकम में मोलभाव कराया जाता था। यदि कोई रकम नहीं देता था तो उस पर हमला तक कराया जाता था। सेक्टर-32 स्थित सेवक फार्मेसी पर हुई फायरिंग को भी इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। बिटकॉइन विवाद और पुराने मामले फिर चर्चा में एएसआई अजयपाल पाली पहले साइबर सेल में काम कर चुका है। सूत्रों के मुताबिक कुछ वर्ष पहले करोड़ों रुपये के बिटकॉइन लेनदेन विवाद में भी उसका नाम सामने आया था। उस समय मामला शांत हो गया था, लेकिन अब फिर से यह प्रकरण चर्चा में है। सूत्रों के अनुसार वर्ष 2014 में, जब पाली कॉन्स्टेबल था, उस पर लुधियाना के कुछ लोगों से उगाही और अपहरण जैसे आरोप लगे थे। शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर उसे और अन्य आरोपियों को जेल भेजा था। बाद में शिकायतकर्ताओं के मुकरने पर वह बरी हो गया था। सेक्टर-9 स्थित एक महंगी जिम, जिसकी वार्षिक फीस करीब एक लाख रुपये बताई जाती है, में पाली की सदस्यता थी। सेक्टर-32 गोलीकांड में नाम सामने आने के बाद जिम प्रबंधन ने उसकी सदस्यता रद्द कर दी है।

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