चंडीगढ़ स्थित पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास का घेराव करने जा रही पंजाब की आशा वर्कर्स और चंडीगढ़ पुलिस के बीच शुक्रवार को पंजाब-चंडीगढ़ बॉर्डर पर झड़प हो गई। पुलिस ने आशा वर्कर्स को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर दी। जब प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने लगीं तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस को वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। सुबह से ही पंजाब के विभिन्न जिलों से आशा वर्कर्स पंजाब-चंडीगढ़ सीमा पर जुटने लगी थीं। दोपहर तक हजारों की संख्या में आशा वर्कर्स मौके पर पहुंच गईं और अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। नजरअंदाज की जा रही मांगें आशा वर्कर्स का कहना है कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। जबकि सीएम स्टेज पर तो बड़े-बड़े वादे करते हैं कि महिलाओं को किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी, लेकिन उनकी समस्याओं का कोई हल नहीं किया जा रहा है। इसी के विरोध में वे मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रही थीं। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। पहले धक्का-मुक्की, फिर वॉटर कैनन जब प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने लगीं तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई और माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को काबू में रखने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन चलाया और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शन कर रहीं आशा वर्कर्स ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा।