चंडीगढ़ में करोड़ों की ठगी के आरोपी प्रोडेक्शन वांरट पर:EOW में आमने-सामने होगी पूछताछ, क्रेस्ट से जुड़े 75 करोड़ के गबन का केस

चंडीगढ़ में क्रेस्ट से जुड़े करीब 75 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में जांच तेज हो गई है। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने इस केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए आइडीएफसी फर्स्ट बैंक के ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि, रिलेशनशिप मैनेजर अभय सिंह और उसकी पत्नी स्वाति सिंगला को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। सभी आरोपियों से मास्टरमाइंड विक्रम वधावा के सामने बैठाकर पूछताछ की जा रही है। ईओडब्ल्यू पहले ही विक्रम वधावा को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। अब अन्य आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूरे नेटवर्क और पैसों के लेनदेन की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। रिभव ऋषि, अभय सिंह और स्वाति सिंगला को पंचकूला एसीबी ने पहले गिरफ्तार किया था। अब ईओडब्ल्यू ने इन्हें प्रोडक्शन वारंट के जरिए अपने कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। 116.84 करोड़ के स्मार्ट सिटी फंड एंगल से भी जांच ईओडब्ल्यू इस मामले को केवल 75 करोड़ की ठगी तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि नगर निगम के स्मार्ट सिटी फंड के 116.84 करोड़ रुपये के कथित हेरफेर के एंगल से भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक दोनों मामलों के बीच कनेक्शन की संभावना को देखते हुए पूछताछ की जा रही है। जांच में सामने आया है कि सरकारी विभागों के खाते प्राइवेट बैंक में खुलवाए गए। इसके बाद इन खातों से रकम को शेल कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया। इस पैसे को आगे शेयर बाजार और गोल्ड मार्केट में निवेश किया गया। 8 सदस्यीय एसआईटी का गठन मामले की गंभीरता को देखते हुए आठ सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। यह टीम चंडीगढ़ और हरियाणा के सरकारी विभागों के खातों से हुए कथित गबन की गहराई से जांच कर रही है। एसआईटी बैंकिंग ट्रांजेक्शन की पूरी चेन खंगाल रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि डायवर्ट किया गया पैसा आखिर कहां और किन-किन संपत्तियों में लगाया गया। इसमें रियल एस्टेट निवेश की भी जांच की जा रही है। अफसरों की भूमिका भी जांच के दायरे में जांच एजेंसियों के मुताबिक इस पूरे मामले में कई अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। कंपनियों के माध्यम से सरकारी धन को डायवर्ट किया गया और कुछ रकम आरोपितों तथा उनकी पत्नी दिव्या अरोड़ा से जुड़े खातों में ट्रांसफर होने के संकेत मिले हैं। ईओडब्ल्यू अब सभी आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे घोटाले की परतें खोलने में जुटी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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