चंडीगढ़ में बढ़ती फायरिंग और गैंगस्टर गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। पंजाब की तर्ज पर चंडीगढ़ में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) का गठन किया गया है। इस टीम की कमान दो जांबाज इंस्पेक्टर इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों और इंस्पेक्टर सतविंदर दुहान को सौंपी गई है, जो सीधे डीजीपी को रिपोर्ट करेंगे। हाल के दिनों में शहर में कई फायरिंग की घटनाएं सामने आई हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी में फायरिंग, सेक्टर-9 में चमनप्रीत की हत्या, सेक्टर-30 में गोलीबारी और करोड़ों की फिरौती कॉल जैसे मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। इन घटनाओं के बाद चंडीगढ़ प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने भी नाराजगी जताई थी। ऑपरेशन सेल में होगा दफ्तर नई एजीटीएफ में इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों और इंस्पेक्टर सतविंदर दुहान को जिम्मेदारी दी गई है। दोनों अधिकारी सीधे चंडीगढ़ के डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा को रिपोर्ट करेंगे। इनके काम में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं होगा और गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए इन्हें पूरी छूट दी गई है। एजीटीएफ का ऑफिस सेक्टर-26 स्थित ऑपरेशन सेल में बनाया गया है। यह टीम गैंगस्टरों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ उनकी धरपकड़ के लिए रणनीति तैयार करेगी। पहले भी सुलझा चुके हैं बड़े केस इंस्पेक्टर सतविंदर दुहान पहले क्राइम ब्रांच के इंचार्ज रह चुके हैं और उन्होंने कई हत्या, लूट और नशा तस्करी के मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। वहीं इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों भी ऑपरेशन सेल में रहते हुए कई बड़े गैंगस्टरों को पकड़ चुके हैं और उन्होंने एक ओपन एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें कई गैंगस्टरों के नाम शामिल थे। थाना प्रभारियों का भी बनेगा रिपोर्ट कार्ड एजीटीएफ के गठन के साथ ही चंडीगढ़ पुलिस के थाना प्रभारियों पर भी सख्ती बढ़ाई गई है। हर थाने का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जा रहा है, जिसमें क्षेत्र में हुई वारदातें, सुलझाए गए केस और लंबित शिकायतों का रिकॉर्ड शामिल होगा। सूत्रों के मुताबिक, परफॉर्मेंस के आधार पर थाना प्रभारियों के तबादले भी किए जा सकते हैं। प्रशासन का मकसद साफ है कि शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जाए और गैंगस्टरों पर पूरी तरह नकेल कसी जाए।