चंडीगढ़ वर्ष 2026-27 के लिए नई एक्साइज पॉलिसी प्रशासन ने जारी कर दी है। मंगलवार देर रात जारी की गई इस नीति में शराब के ठेकों, बार लाइसेंस, होटल और रेस्टोरेंट में शराब परोसने, माइक्रो-ब्रुअरी, टेवर्न और लाइसेंस फीस से जुड़े कई अहम प्रावधान किए गए हैं। नई नीति के तहत शराब बिक्री के लाइसेंस, बार संचालन के समय, भुगतान प्रणाली और सुरक्षा मानकों को लेकर कई नई शर्तें लागू की गई हैं। नई एक्साइज पॉलिसी के मुताबिक गांव पलसोरा का शराब ठेका शहर में सबसे महंगा रखा गया है। आबकारी विभाग ने इसका रिजर्व प्राइस 11 करोड़ 41 लाख 9 हजार 803 रुपये तय किया है। वहीं सेक्टर-41 मार्केट का शराब ठेका सबसे सस्ता है, जिसका रिजर्व प्राइस 1 करोड़ 93 लाख रुपये रखा गया है। बार लाइसेंस के लिए तय किए गए नए नियम नई नीति के तहत होटल और रेस्टोरेंट संचालक एल-3, एल-4, एल-5, एल-3ए, एल-4ए, एल-10ए और एल-10एए फॉर्म के तहत बार लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि लाइसेंस तभी जारी होगा जब होटल या रेस्टोरेंट का संचालन वास्तव में शुरू हो जाएगा। एल-3, एल-4 और एल-5 लाइसेंसधारक बार लाइसेंस मिलने के 15 दिन बाद माइक्रो-ब्रुअरी लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे। नई एक्साइज पॉलिसी के तहत होटल, बार, रेस्टोरेंट और पब में शराब परोसने वाले सभी लाइसेंसधारकों के लिए अल्कोमीटर की सुविधा अनिवार्य कर दी गई है, ताकि शराब पीकर वाहन चलाने की घटनाओं को रोका जा सके। परिसर में अतिरिक्त बार खोलने की अनुमति नई नीति के अनुसार बार लाइसेंसधारक अपने परिसर में एक अतिरिक्त बार भी खोल सकेंगे। इसके लिए मूल लाइसेंस फीस का 75 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यदि किसी अन्य स्थान पर शराब परोसनी हो तो इसके लिए लाइसेंस फीस का 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा। नई नीति के अनुसार बार का संचालन सुबह 11 बजे से रात 1 बजे तक किया जा सकेगा। आधी रात 12 बजे के बाद नया ऑर्डर नहीं लिया जाएगा। यदि कोई क्लब, बार या रेस्टोरेंट देर रात तक संचालन करना चाहता है तो 8 लाख रुपये वार्षिक शुल्क देकर समय रात 3 बजे तक बढ़ाया जा सकेगा। हालांकि अंतिम ऑर्डर रात 2 बजे तक ही लिया जाएगा। ए कैटेगरी होटलों में 24 घंटे शराब परोसने की अनुमति पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कैटेगरी ए होटलों को 24 घंटे शराब परोसने की अनुमति दी गई है। इसके लिए 30 लाख रुपये वार्षिक लाइसेंस फीस देनी होगी। कैटेगरी बी और सी होटल भी समान शुल्क देकर यह सुविधा ले सकेंगे। इन होटलों के सभी कमरों में मिनी बार की सुविधा भी दी जा सकेगी और इसके लिए अलग से लाइसेंस फीस नहीं देनी होगी। नई नीति में टेवर्न के संचालन के लिए भी सख्त मानक तय किए गए हैं। टेवर्न खुले स्थान पर संचालित नहीं किए जा सकेंगे। इनके चारों ओर पक्की दीवार और कंक्रीट की छत होना अनिवार्य होगा। साथ ही कम से कम आठ टेबल और 40 लोगों के बैठने की व्यवस्था जरूरी होगी। डिजिटल भुगतान और बिल देना होगा अनिवार्य नई एक्साइज पॉलिसी के तहत सभी शराब विक्रेताओं के लिए हर बिक्री पर बिल जारी करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही नकद के अलावा पीओएस मशीन के माध्यम से डिजिटल भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध करानी होगी। नियम का उल्लंघन करने पर प्रति घटना 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कोई लाइसेंसधारी समय पर लाइसेंस फीस जमा नहीं करता है तो आबकारी विभाग उसका ठेका सील कर सकता है। इसके अलावा उसके अन्य ठेके भी रद्द किए जा सकते हैं। देरी से भुगतान करने पर 1.5 प्रतिशत मासिक ब्याज भी देना होगा।