चंडीगढ़ व हरियाणा में 782 करोड़ रुपए के गबन का मास्टरमाइंड विक्रम वधावा 1990 के दशक में सेक्टर-19 स्थित शराब ठेके के सामने नींबू-पानी की रेहड़ी लगाता था। धीरे-धीरे उसने शहर के कई कारोबारियों, बिल्डरों और ब्यूरोक्रेट्स से संबंध बना लिए, जिसके बाद वह करोड़पति बन गया। सूत्रों से पता चला है कि आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कई ब्यूरोक्रेट्स और कारोबारियों के नाम लिए हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन लोगों के साथ विक्रम वधावा के क्या संबंध थे और किस तरह से इनसे काम करवाया जाता था। पूछताछ में होंगे कई बेनकाब आरोपी वधावा से चंडीगढ़ पुलिस पूछताछ कर रही है और आरोपी ने चंडीगढ़ नगर निगम व हरियाणा में जो करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया है, उसमें सरकारी विभागों के कौन-कौन से अधिकारियों ने उसका साथ दिया था, जल्द ही वे चेहरे बेनकाब होंगे। कुछ दिन पहले ही चंडीगढ़ नगर निगम ने दो अधिकारियों को सस्पेंड किया है। इसमें रजनी रानी (सुपरिटेंडेंट) और हरांश सिंह (अकाउंटेंट) शामिल हैं। निगम ने इसे वित्तीय अनियमितताओं के दायरे में माना है। दोनों को केंद्रीय सिविल सेवा नियम, 1965 के नियम 10 के उप-नियम (1) के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए निलंबित किया गया है। लुक-आउट सर्कुलर के बाद पकड़ा गया हरियाणा में 590 करोड़ रुपए के गबन में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि ने जब पूछताछ में विक्रम वधावा का नाम लिया तो वह रातों-रात चंडीगढ़ से शिमला भागकर वहां छिप गया था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 27 फरवरी की रात वह प्राइवेट गाड़ी से शिमला पहुंचा और वहां दो दिन तक छिपा रहा। इसी दौरान उसने अपने खास लोगों के जरिए यह अफवाह भी फैलवा दी कि वह विदेश भाग सकता है, ताकि जांच एजेंसियों का ध्यान भटकाया जा सके। इसके बाद हरियाणा विजिलेंस ने उसके खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर जारी कर दिया। एलओसी जारी होने के बाद विक्रम शिमला से आधी रात को निकलकर मोहाली पहुंच गया और वहां रिश्तेदारों व दोस्तों के यहां ठिकाने बदल-बदलकर छिपता रहा। बाद में वह खरड़ के एक फ्लैट में पहुंचा, जहां चंडीगढ़ पुलिस को सूचना मिल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पत्नी और बच्चों के नाम भी अकाउंट प्राथमिक जांच में पता चला है कि विक्रम वधावा के चंडीगढ़ के चार प्राइवेट बैंकों में खाते हैं। इसके अलावा उसकी पत्नी और दो बच्चों के नाम से भी अलग-अलग बैंक अकाउंट हैं। जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि इन खातों में करोड़ों रुपए जमा हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने संबंधित बैंकों को खातों की पूरी जानकारी और स्टेटमेंट उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है।