चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत नागरा की हत्या की साजिश आरोपियों ने शहर में रहकर ही रची। हैरानी की बात यह रही कि इसकी भनक चंडीगढ़ पुलिस को नहीं लगी और वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शहर के बीचों-बीच से फरार होकर मोहड़ी की ओर निकल गए। रास्ते में कई लाइट प्वाइंट, पुलिस स्टेशन और पीसीआर की मौजूदगी के बावजूद आरोपी आसानी से चंडीगढ़ से बाहर निकलने में कामयाब रहे। पहले रैकी फिर दिया वारदात को अंजाम मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने आरोपी राजन उर्फ पियूष पहलवान और प्रीतम को कैथल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की। दोनों आरोपियों से पुलिस ने क्राइम सीन का रीक्रिएशन भी करवाया, जिसमें कई अहम खुलासे हुए। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी वारदात से पहले शहर के एक होटल में दो दिन तक ठहरे रहे। इस दौरान वे दिन में होटल से निकलकर चमनप्रीत नागरा की गतिविधियों पर नजर रखते थे। आरोपियों ने बारीकी से यह जानकारी जुटाई कि चमनप्रीत अपने ऑफिस और घर से कब निकलता है, सेक्टर-9 में जिम किस समय आता-जाता है, उसके साथ कौन-कौन लोग रहते हैं और कब वह अकेला होता है। दो दिन की रेकी के बाद आरोपियों ने सही समय देखकर चमनप्रीत नागरा पर हमला कर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए। चंडीगढ़ पुलिस से पहले एजीजीएफ ने दबोचा प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत नागरा उर्फ चीनी की हत्या करने वाले दोनों आरोपियों को हरियाणा में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ कैथल में हुई। ये कार्रवाई पंजाब एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने की। एजीटीएफ के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में टीम ने भी कार्रवाई की। इस दौरान दोनों आरोपी घायल हो गए। आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक और हथियार बरामद किए हैं। थ्रेट कॉल के कारण चंडीगढ़ आता था वहीं दोस्त बलकार सिंह ने मामले में कई खुलासे किए हैं। उन्होंने कहा- चमनप्रीत नागरा और मुझे काफी समय से थ्रेट कॉल्स आ रही थीं। वह हमेशा हमारी मदद करता था, अफसरों के पास लेकर जाता था। बलकार सिंह ने बताया- इन थ्रेट कॉल्स की वजह से चमनप्रीत चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में जिम करने जाता था। वह कहता था कि सेफ जगह है। वहां वीआईपी लोग आते हैं। वहां मुझे कोई कुछ नहीं कर सकता। लेकिन वहां आकर भी उसे गोलियां मार गए। उन्होंने कहा- मेरा और चमनप्रीत का प्रशासन ने आर्म्स लाइसेंस नहीं बनाया। अब प्रशासन लाइसेंस अपने पास रख ले। हमारा तो भाई अब लौटकर नहीं आएगा। चमनप्रीत की हत्या की प्लानिंग 2-3 से चल रही थी। 12 गोलियां मारी थी, गैंगस्टर लक्की पटियाल ने जिम्मेदारी ली बता दें कि बुधवार को जिम से निकलने के बाद चमनप्रीत की 12 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्या की जिम्मेदारी गैंगस्टर लक्की पटियाल ने ली है। चमनप्रीत मुल्लांपुर (मोहाली) के कुब्बाहेड़ी गांव में रहता था।