चंडीगढ़ के धनास गांव में 90 वर्षीय बुजुर्ग की पैतृक जमीन हड़पने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत सीधे एसएसपी तक पहुंचने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सारंगपुर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर धनास निवासी काला सिंह, पटवारी मिठन लाल और नंबरदार फकीर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। फर्जी हलफनामे से अपने नाम करवाई जमीन शिकायतकर्ता सुचा सिंह ने बताया कि वह अपने पिता दलीप सिंह की संपत्ति में अपने भाई गुरदेव सिंह के साथ बराबर के हिस्सेदार थे। उनके पिता का निधन 1986 में हुआ था, जबकि गुरदेव सिंह की मृत्यु 20 जून 1999 को हो गई। गुरदेव सिंह के निधन के बाद उनके बेटे काला सिंह और चार बेटियां कानूनी वारिस बने। आरोप है कि काला सिंह ने तहसीलदार-राजस्व कार्यालय में गलत जानकारी देते हुए यह दर्शाया कि संपत्ति का कोई अन्य वारिस नहीं है। सुचा सिंह के मुताबिक, काला सिंह ने बहनों के हस्ताक्षर के बिना फर्जी हलफनामा तैयार करवा लिया और उसी के आधार पर संपत्ति का म्यूटेशन अपने नाम करवा लिया। गिफ्ट डीड के जरिए आगे बेची संपत्ति शिकायत में यह भी सामने आया है कि म्यूटेशन के बाद उक्त संपत्ति को गिफ्ट डीड के माध्यम से बहादुर सिंह नामक व्यक्ति को ट्रांसफर कर दिया गया। मामला एसएसपी तक पहुंचने के बाद पुलिस हरकत में आई थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है, जिसमें फर्जी दस्तावेज तैयार करने और राजस्व अधिकारियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। थाना पुलिस ने कहा जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।