चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा गिराए जा रहे मकानों की कार्रवाई विरोध के बाद एक बार के लिए टल गई है। आम आदमी पार्टी की ओर से आज शाम चार बजे इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस को पार्टी के प्रधान विजयपाल संबोधित करेंगे और मीडिया को इस मामले में पार्टी की अगली रणनीति का खुलासा करेंगे। मामले की पूरी टाइमलाइन: 4 अप्रैल: चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की ओर से मकान मालिकों को नोटिस देने का ऐलान किया गया। 5 अप्रैल: लोगों को नोटिस देना शुरू कर दिया गया। उसी दिन सेक्टर 41 में पार्टी मीटिंग बुलाई गई, जिसमें इस मामले को प्रशासन तक ले जाने के लिए कमेटी गठित की गई। 6, 7 और 8 अप्रैल: लगातार सेक्टर 45 में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा मकानों को तोड़ने की कार्रवाई चलती रही। 8 अप्रैल: पार्षद गुरप्रीत गपी ने यह मुद्दा नगर निगम की बैठक में उठाया। इसके बाद सभी पार्षद और चंडीगढ़ के मेयर कार्रवाई का विरोध करने के लिए मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। तीन पॉइंट में समझें हाई कोर्ट का आदेश पूरा मामला CWP No. 2309 of 2014 से जुड़ा है। 21 अप्रैल 2022 को हाई कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए बोर्ड को स्पष्ट निर्देश दिए थे: 1. हटाए गए पिलर और लोड-बियरिंग दीवारें तुरंत बहाल हों: जिन लोगों ने घर के अंदर पिलर, फाउंडेशन या बालकनी (Cantilevers) को हटाकर ढांचा कमजोर किया है, उन्हें एक महीने के भीतर ठीक किया जाए। 2. सुरक्षा से कोई समझौता नहीं: सभी प्रभावित मकानों की स्ट्रक्चरल सेफ्टी सुनिश्चित की जाए। 3. खर्चा अलॉटियों की जेब से: यदि बोर्ड मरम्मत करवाता है, तो उसका पूरा खर्च संबंधित अलॉटियों से वसूला जाएगा।