चंडीगढ़ में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां PGI के एक डॉक्टर को शातिर ठगों ने अपने जाल में फंसाकर 1.10 करोड़ रुपए की ठगी कर ली। मामला सामने आते ही सेक्टर-17 स्थित साइबर क्राइम थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता डॉ. राकेश प्रभुगौड़ पाटिल, निवासी सेक्टर-38, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने दिसंबर 2025 में इंटरनेट के माध्यम से शेयर मार्केट के बारे में जानकारी लेना शुरू किया था। इसी दौरान जनवरी 2026 में उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां ग्रुप के एडमिन और अन्य सदस्यों ने उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया। 25 ट्रांजेक्शन में ट्रांसफर किए 1.10 करोड़ रुपए ठगों ने ज्यादा मुनाफे का लालच देकर डॉक्टर से अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए। डॉक्टर ने करीब 25 ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 1.10 करोड़ रुपए निवेश कर दिए। डॉक्टर के मुताबिक शुरुआत में ऐप पर मुनाफा दिखाया गया, जिससे उनका भरोसा बढ़ गया। लेकिन जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने विभिन्न बहानों से उनसे और पैसे जमा करवाने शुरू कर दिए। RBI और ED अधिकारी बनकर मांगे 10 लाख रुपए ठगों ने खुद को RBI और ED का अधिकारी बताते हुए “सुरक्षा प्रक्रिया” के नाम पर डॉक्टर से 10 लाख रुपए और मांग लिए। इस दौरान डॉक्टर को शक हुआ और उन्होंने ग्रुप के अन्य सदस्यों से संपर्क किया। संपर्क करने पर खुला ठगी का राज जब डॉक्टर ने अन्य लोगों से बात की तो उन्हें पता चला कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को शिकायत दी। सेक्टर-17 साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है, ताकि ठगों तक पहुंचा जा सके।