चंडीगढ़ पिछले एक साल से पीजीआई कैंपस में सुरक्षा को लेकर लगातार बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। पहले डार्क स्पॉट्स की पहचान कर वहां लाइटें लगाई गईं और अब संस्थान ने सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से और मजबूत करने की दिशा में अहम फैसला लिया है। पी.जी.आई. प्रशासन ने कैंपस में लगे मौजूदा सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम को अपग्रेड करने और उसके व्यापक रखरखाव के लिए 176.64 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। 10 माह में होगा काम पूरा टेंडर नोटिस के अनुसार यह परियोजना पी.जी.आई. के सुरक्षा विंग में लगे पुराने सीसीटीवी नेटवर्क को आधुनिक तकनीक से लैस करेगी। इससे मरीजों, उनके परिजनों और कर्मचारियों की निगरानी व्यवस्था पहले से ज्यादा प्रभावी और मजबूत हो सकेगी। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 10 महीने की समय-सीमा तय की गई है। पी.जी.आई. प्रशासन का मानना है कि अत्याधुनिक सर्विलांस सिस्टम से न सिर्फ सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव होगी, बल्कि अस्पताल परिसर में अनुशासन बनाए रखने और आपात स्थितियों से निपटने में भी काफी मदद मिलेगी। टेंडर प्रक्रिया दो-बिड सिस्टम के तहत पूरी की जाएगी, जिसमें तकनीकी और वित्तीय पात्रता के आधार पर कंपनियों का चयन किया जाएगा। 1000 नए सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना मौजूदा अपग्रेड के साथ-साथ पीजीआई कैंपस में बड़ी संख्या में नए सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी योजना तैयार की जा रही है। प्रशासन के मुताबिक करीब एक हजार नए कैमरे लगाए जा सकते हैं, जिस पर लगभग 17 करोड़ रुपये तक खर्च आने की संभावना है। बजट अधिक होने के कारण इस प्रस्ताव पर दोबारा विचार किया जा रहा है।
योजना के तहत ये कैमरे कॉरिडोर, ड्यूटी रूम के बाहर और वॉशरूम के बाहरी हिस्सों में लगाए जाएंगे, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इसके लिए अस्पताल परिसर के सभी हॉट स्पॉट्स की पहचान की जा रही है। 287 एक्स आर्मी ऑफिसर तैनात पिछले साल पीजीआई प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए संस्थान में 287 एक्स आर्मी ऑफिसर की भर्ती की थी। सेना से रिटायर्ड अनुशासित और प्रशिक्षित जवानों के जुड़ने से पी.जी.आई. का सुरक्षा बल अब करीब 1000 कर्मियों तक पहुंच गया है। इस कदम से न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि मरीजों, परिजनों और स्टाफ के लिए अधिक सुरक्षित माहौल भी तैयार हुआ है। वर्तमान में पी.जी.आई. में करीब 700 सुरक्षा कर्मी कॉन्ट्रैक्ट पर तैनात हैं। इनमें 500 सेक्शन कॉन्ट्रैक्ट पोस्ट और 553 रिलीवर की पोस्ट शामिल हैं, जबकि 120 पद रेगुलर हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए रेगुलर स्टाफ को 25 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत करीब 300 नए पद सृजित करने की बात सामने आई है। इन पदों को स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी के एजेंडे में भी शामिल किया गया था।