पंजाब यूनिवर्सिटी में श्री गुरू तेग बहादुर जी पर आयोजित कार्यक्रम में RSS पदाधिकारी को चीफ गेस्ट बनाने पर बवाल हो गया। यूनिवर्सिटी परिसर में सथ पार्टी ,से जुड़े छात्रों ने कार्यक्रम का विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पुलिस स्टेशन 11 को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने नारेबाजी कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में लिया। इस दौरान पुलिस और छात्रों में खींचतान हुई। कई नेताओं को पुलिस घसीटते हुए ले गई। एक छात्र को पुलिस कर्मचारी कॉलर से पकड़कर ले गया। सथ पार्टी के मुताबिक धक्कामुक्की के दौरान कई छात्रों की पगड़ी उतर गई। एक की पुलिस ने किरपाण रख ली। प्रचार के बीच में विरोध जिस समय आरएसएस के प्रचारक बनवीर राणा स्टेज पर बोल रहे थे, उसी दौरान एक स्टूडेंट उठी और प्रश्न पूछने लगी, लेकिन स्टेज से उसका कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद स्टूडेंट ने कहा कि मेरे प्रश्न का उत्तर तो दे दो। उसके बाद स्टूडेंट प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने लगी और फिर महिला पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़कर बाहर निकाल दिया। सुखमन बोले- RSS सिख विरोधी
सथ पार्टी के मेंबर सुखमण सिंह ने कहा कि 9 मार्च को उन्होंने प्रोटेस्ट करने का ऐलान किया था, क्योंकि श्री गुरू तेग बहादुर जी पर PU प्रशासन ने प्रोग्राम रखा हुआ था, जिसका उनकी पार्टी विरोध कर रही थी। विरोध करने का कारण था कि इसमें आरएसएस नेता आ रहे थे। प्रोग्रोम से पहले पीयू प्रशासन से अपील की गई थी कि सिख इतिहास पर लेक्चर में आरएसएस पदाधिकारी को मुख्यातिथि न बनाया जाए। वाइस चांसलर को एक पत्र भी दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि साल 2004 का एक हुक्मनामा है, जिसमें अकाल तख्त ने साफ कहा है कि आरएसएस सिख विरोधी है। पुलिस ने 100 छात्रों को डिटेन किया
सुखमण ने कहा वीसी ने उस समय कहा कि हां सब कुछ ठीक है। लेकिन उसके बाद फिर प्रोग्राम कैंसिल नहीं किया। उन्होंने कहा पंजाब की धरती पर सिख विरोधी गतिविधियां नहीं होंगी। उनके करीब सो साथी डिटेन किए गए हैं। साथी अर्शदीप सिंह की किरपाण पुलिस ने रख ली और कुछ की पगड़ियां भी उतर गईं। सुखमण ने कहा कि यूनिवर्सिटी परिसर में किसी भी संगठन या पार्टी का प्रचार नहीं होना चाहिए। पंजाब यूनिवर्सिटी एक शैक्षणिक संस्थान है और इसे राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। आरएसएस से जुड़े लोग यूनिवर्सिटी में प्रचार करने पहुंचे थे, जिसका उन्होंने विरोध किया। बस में ले जाते समय भी कुछ छात्रों ने नारेबाजी की। कार्यक्रम में सिख गुरुओं के बारे में बताया
वहीं. एबीवीपी की पंजाब यूनिवर्सिटी यूनिट के प्रेसिडेंट आशीष शर्मा ने कहा कि आरएसएस के उत्तर क्षेत्र प्रचारक प्रमुख बनवीर राणा यूनिवर्सिटी पहुंचे थे। उन्होंने सिख गुरुओं के इतिहास और देश के लिए उनके बलिदान के बारे में जानकारी दी। इस कार्यक्रम का राजनीति से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने कहा कि आरएसएस सभी धर्मों का सम्मान करती है और यह कार्यक्रम यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा ही आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि पंजाब में चुनाव नजदीक होने के कारण कुछ छात्र संगठन इसका विरोध कर रहे हैं, जबकि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जानकारी देना था। पुलिस-प्रदर्शनकारी छात्रों में खींचतान की PHOTOS…