चर्चा के लिए तैयार थे मगर कांग्रेस पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया : मेयर

भास्कर न्यूज | अमृतसर सोमवार को हुई निगम हाउस मीटिंग में पार्षदों को चर्चा का मौका न दिए जाने पर हंगामा हुआ। विपक्षी पार्षद चर्चा पर अड़े रहे मगर हंगामे के बीच 20 मिनट में 481.18 करोड़ का बजट और एजेंडे पास कर दिए गए। विपक्षी पार्षदों ने भ्रष्टाचार के मुद्दे, एंटीसिपेशन पॉवर का मिसयूज कर 100 करोड़ का काम पास कराने, फर्जी बिल बनाकर पास किए जाने समेत अन्य गंभीर आरोप लगाए। हंगामे के बीच 94 एजेंडे पास किए गए, जिनमें 42 टेबल प्रस्ताव शामिल थे। विपक्ष ने जब 100 करोड़ का हिसाब मांगा तो मेयर अपनी कुर्सी से उठकर चले गए। सुबह 10.30 बजे पार्षद मीटिंग हॉल में पहुंच गए। 20 मिनट बाद 10:40 बजे मेयर, मंत्री हरभजन सिंह, विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर, कुंवर विजय प्रताप, डॉ. अजय गुप्ता और डॉ. जसबीर संधू पहुंचे। बजट से पहले कांग्रेसी पार्षद विकास सोनी की बात पर गजटेड अफसर गगनदीप रंधावा के निधन पर 2 मिनट तक शोक जताया गया। 10:48 बजे बजट पढ़ना शुरू किया गया। कुछ देर बाद विकास ने मुद्दा उठाया कि पहले पिछले बजट में क्या खर्च हुए, एंटीसिपेटरी पावर के तहत कितने काम पास कराए गए? क्या काम हुआ? इसका हिसाब दें। 12 मिनट तक विपक्षी पार्षद चर्चा पर अड़े रहे। हालात बिगड़ते देख सीनियर डिप्टी मेयर प्रियंका शर्मा ने 11.01 बजे विपक्षी दल की तरफ से चर्चा का समर्थन किया। इस पर सभी पार्षदों ने मेज थपथपाया। जिस पर मेयर जतिंदर सिंह भाटिया ने कहा कि बिल्कुल ऐसा ही होगा। पहले बजट व एजेंडा पढ़ लेने दें, इसके बाद चर्चा की जाएगी। कुछ देर बाद हंगामा बढ़ गया। इसी बीच 11.08 बजे बजट और सभी एजेंडे पास कर दिए गए। निगम के 6 विभागों में 320 आउटसोर्स मुलाजिम रखे जाएंगे। सबसे ज्यादा सेहत विभाग में 250 सफाई सेवक रखे जाएंगे। इसके अलावा सिविल विभाग में 25 बेलदार, ओएंडएम में 20 चौकीदार, 10 बेलदार तो विज्ञापन विभाग में 5 बेलदार और एस्टेट विभाग में 10 बेलदार की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा शहर की सड़कों और डार्क स्पॉट्स को खत्म करने के लिए बड़ा प्रोजेक्ट तैयार किया है। शहर में नई स्ट्रीट लाइट्स, एलईडी, ब्रैकेट और पीवीसी वायर लगाने के लिए 1.79 करोड़ का बजट पास किया गया है। ^बजट मीटिंग में विपक्षी पार्षदों ने हंगामा कर कार्यवाही बाधित की। वार्ड में आ रही मूलभूत समस्याओं पर चर्चा करनी थी लेकिन विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। मेयर एजेंडा पढ़ने के बाद शाम 5 बजे तक चर्चा के लिए तैयार थे। -विराट देवगन, पार्षद, वार्ड 66 ^पार्षदों संग हर चर्चा करने के लिए तैयार थे मगर मगर कांग्रेसी पार्षदों का हाउस मीटिंग में हंगामा करने पर जोर रहा। करीब एक घंटे तक मीटिंग चली। बजट-एजेंडा पढ़ने के बाद सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए साफ कर दिया गया था लेकिन विपक्षी पार्षद का मकसद ही कुछ और था। जो भी आरोप लगाए जा रहे निराधार हैं। शहर में विकास कार्य चल रहे है। कूड़ा उठान या बायारेमिडिएशन के कामों में सुस्ती जरूर देखने को मिल रही है जिस पर उन्हें नोटिस व जुर्माना होगा। -जतिंदर सिंह भाटिया, मेयर ^85 वार्डों में विकास कार्यों को लेकर 40-40 लाख का प्रस्ताव पास किया गया है लेकिन उनके वार्ड में गलियां कच्ची हैं। जिन्हें पक्का कराने के लिए ज्यादा फंड की जरूरत है लेकिन अपनी बात नहीं रख पाए। चर्चा होती तो जरूर िडमांड रखते। -रमन रम्मी, कांग्रेस पार्षद, वार्ड 80 ^मेयर चर्चा के लिए तैयार थे मगर विपक्षी दलों के पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। बजट-एजेंडा पढ़ने तक का मौका नहीं दिया जा रहा था। नारेबाजी करने से माहौल खराब हो गया। अपने वार्ड के कुछ जरूरी मुद्दे नहीं उठा पाई। -सुखप्रीत कौर, पार्षद, वार्ड 31 ^5 मोहल्ला क्लीनिकों के निर्माण में धांधली हुई है इसकी विजिलेंस जांच होनी चाहिए। एक क्लीनिक की लागत 40.81 लाख दिखाई गई है, जबकि इतने बजट में सभी पांचों क्लीनिक तैयार हो सकते थे। कमिश्नर ने इस मामले में खुद मौके पर जाकर निरीक्षण करने का भरोसा दिया है। -नीतू टांगरी, पार्षद, वार्ड 64 ^हाउस की मीटिंग में विपक्षी दलों के सवालों का जवाब देने के मामले में अपनी बात रखी। हर पार्षदों को सवाल करने का हक है। जिसका प्रॉपर समाधान हाउस में किया जाना चाहिए। -प्रियंका शर्मा, सीनियर डिप्टी मेयर कांग्रेस पार्षद विकास सोनी, भाजपा पार्षद अमन ऐरी, गौरव गिल, विकास गिल और अन्य ने कहा कि एंटीसिपेटरी पावर का इस्तेमाल आपातकालीन स्थितियों में किया जाता है। पंजाब में ऐसी कौन सी इमरजेंसी लगी थी कि मेयर ने एक साल के 100 करोड़ काम बिना हाउस मीटिंग में पास कराए मंजूर कर दिए। इन राशि से अब तक क्या काम कराए गए, उसका हिसाब भी देना चाहिए। मेयर के पास बहुमत नहीं है, इसलिए चर्चा से भाग रहे हैं। पार्षद विकास गिल ने कहा कि केंद्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए भेजे लेकिन फंड का दुरुपयोग हो रहा है। जब मेयर ने एंटीसिपेटरी पावर के तहत पास करवा गए 100 करोड़ के कामों का हिसाब नहीं दिया तो पार्षद ​ विकास सोनी के नेतृत्व में विपक्षी पार्षद मीटिंग हॉल में धरने पर बैठ गए। इसी बीच मेयर और कमिश्नर उठकर चले गए। एक साल बाद हुई यह मीटिंग बिना चर्चा के ही खत्म हो गई। कांग्रेस-भाजपा और अकाली दल के पार्षदों ने मीटिंग हॉल में बैठकर कमिश्नर-मेयर और आप सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पार्षदों ने कहा कि सभी दलों के पार्षद एकजुट होकर 200 करोड़ के विकास कार्यों की सीबीआई जांच की मांग करेंगे। जो भी गड़बड़ियां हुई हैं उसे लेकर कमिश्नर, मेयर के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे। पार्षद सोनी ने कहा कि आप नेताओं की वजह से वेयर हाउस डीएम गगनदीप रंधावा को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा।

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