छेड़खानी में 4 साल की सजा, MLA नहीं छोड़ा पद:खंडूर साहिब विधायक के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका, पंजाब सरकार को नोटिस

पंजाब में खडूर साहिब से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मनजिंदर सिंह को तरनतारन की एडिशनल सेशन कोर्ट ने बीते वर्ष 4 साल की सजा सुनाई थी। इस मामले में अब पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर हुई है। याचिका में दोषी विधायक विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की गई। अदालत ने इस मामले को सुनने के बाद विधायक और पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है। हालांकि सुनवाई के दौरान अदालत ने तीस मार्च को इस मामले में अगली सुनवाई करने का फैसला लिया है। यह याचिका जसवंत सिंह की तरफ से दाखिल की गई। यह दलील दी है याचिका में जसवंत सिंह ने अपनी याचिका में दलील दी है कि सुप्रीम कोर्ट की स्पष्ट गाइडलाइन है कि जब किसी विधायक को दो साल से अधिक सजा हो जाती है, तो वह अपने पद पर नहीं रह सकता। लेकिन इस मामले में फैसला आए हुए पांच महीने से अधिक समय हो गया है, फिर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम का भी हवाला दिया। इसके बाद अदालत ने यह आदेश जारी किए हैं। 12 साल पुराने मामले में हुई है सजा
10 सितंबर को अदालत ने 12 साल पहले युवती से मारपीट करने और छेड़छाड़ के आरोप में उन्हें दोषी ठहराया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। कोर्ट के ऑर्डर के अनुसार पीड़ित लड़की को मुआवजे भी देना होगा। 2 साल से ज्यादा की सजा होने की वजह से अब उनकी विधायकी पर तलवार लटक गई है। हालांकि लालपुरा के पास ऑप्शन है कि वह पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। सजा पर रोक लगी तो उनकी विधायकी बच सकती है।
पीड़िता की जुबानी जानिए, क्या था पूरा मामला… मासी के बेटे की शादी में गई थी, तब हुई घटना : पीड़िता ने बताया था कि यह मामला 3 मार्च 2013 का है। इस दौरान वह अपनी मासी के बेटे की शादी में गई थी। उस समय मनजिंदर सिंह लालपुरा टैक्सी ड्राइवर थे। शादी के दौरान लालपुरा समेत हरविंदर सिंह और गुरदीप सिंह ने उसके साथ गलत हरकतें कीं। उसे और उसके परिवार को जातिसूचक शब्द कहे गए। पुलिस कर्मचारियों ने भी उसके परिवार के साथ मारपीट की। सभी ने मिलकर उसके साथ अश्लील हरकतें भी कीं। पीड़िता बोली- परिवार ने पूरा साथ दिया : 10 सितंबर को कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले के बाद पीड़िता ने कहा कि उसे इंसाफ मिला है। उसने अपने पति और परिवार का भी शुक्रिया अदा किया। कहा कि इस पूरे समय परिवार उसके साथ मजबूती के साथ खड़ा रहा। मेरे जीवन के 13 साल बर्बाद किए : पीड़िता ने आगे कहा- इस लड़ाई के दौरान कई मुश्किल चरण आए। मैं अपने बेटे को दो-दो महीने तक स्कूल नहीं भेज पाती थी, क्योंकि आरोपी मुझे रास्ते में मारने की धमकियां देते थे। वे मुझ पर केस वापस लेने का दबाव डालते थे। मैं अदालत से मांग करती हूं कि इन्हें कठोर सजा दी जाए। मेरे जीवन के 13 साल इन्होंने बर्बाद किए हैं

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