हरियाणा में BJP के राज्यसभा सांसद सुभाष बराला के बेटे विकास बराला को चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट का कहना है कि 9 साल पुराने छेड़छाड़ के केस को बेवजह लटकाया गया है। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी विकास बराला की वह अर्जी भी खारिज कर दी, जिसमें केस से जुड़े डॉक्यूमेंट को फोरेंसिक जांच के लिए सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (सीएफएसएल) भेजने की मांग की गई थी। बता दें कि 5 अगस्त 2017 को सेक्टर-26 थाना पुलिस ने तत्कालीन IAS अधिकारी की बेटी की शिकायत पर विकास बराला और उसके दोस्त आशीष के खिलाफ किडनेपिंग की कोशिश, छेड़छाड़ का केस दर्ज किया था। 2 पॉइंट में पढ़िए केस में अब क्या हुआ… अब सिलसिलेवार पढ़िए विकास पर क्या आरोप लगे… इन पर चल रहा है केस
इस मामले में विकास बराला और आशीष पर उस समय भारतीय दंड संहिता की धारा 363 और 511 के तहत केस दर्ज किया गया था। जैसे-जैसे मामला तूल पकड़ता गया, इन पर लड़की का पीछा करने, जबरन रास्ता रोकने, किडनैपिंग की कोशिश और छेड़छाड़ जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ। ————– यह खबर भी पढ़ें… हरियाणा BJP सांसद के बेटे को AAG पद से हटाया: IAS अफसर की बेटी का पीछा करने का आरोप; विवाद के बाद नियुक्ति रद्द हरियाणा में BJP के राज्यसभा सांसद सुभाष बराला के बेटे विकास बराला की असिस्टेंट एडवोकेट जनरल (AAG) पद पर हुई नियुक्ति को रद्द कर दिया गया है। गृह एवं न्याय विभाग की एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) सुमिता मिश्रा की ओर से 18 जुलाई को जारी हुई AAG की लिस्ट में उनका नाम था। (पूरी खबर पढ़ें)