जाट आरक्षण दंगों में भगोड़ा घोषित युवक के बड़े खुलासे:बोला-पेट्रोल छिड़का, कुत्ते जलाए, कांग्रेस का बड़ा नेता शामिल; कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने का आरोपी

हरियाणा में साल 2016 में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान रोहतक में पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के केस में CBI कोर्ट ने बीते शुक्रवार 56 लोगों को बरी किया। वहीं, देश छोड़कर अमेरिका भागे एक आरोपी धमेंद्र हुड्‌डा को भगोड़ा घोषित कर दिया। अब उसी आरोपी ने अमेरिका से फेसबुक लाइव आकर कई बड़े खुलासे किए हैं। फेसबुक लाइव पर 42 मिनट लाइव रहकर आरोपी धमेंद्र हुड्‌डा ने कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक ने कहा कि हमारे साथियों ने जो किया था, उसके लिए 20 साल से कम की सजा नहीं होनी चाहिए थी। लेकिन खापों की वजह से कैप्टन अभिमन्यु के परिवार ने उन्हें माफ कर दिया। एक कांग्रेस नेता का नाम लेते हुए धमेंद्र ने कहा कि उन्होंने तो कैप्टन का घर जलवाने में कोई कमी नहीं छोड़ी थी। आरोपी ने कहा कि दंगों के दौरान कांग्रेस नेता के परिवार से जुड़े पेट्रोल पंप को खुला रखा गया था। यहीं नहीं, पेट्रोल की कैन भर कर लोगों में बांटे गए। इसी पेट्रोल से बाद में कैप्टन का घर जलाया गया। आरोपी ने कहा कि हुड्‌डा खाप के कुछ लोग ऐसे भी रहे, जिन्होंने कैप्टन को जाकर कहा था कि एक बार दिखावे के लिए माफ कर दो, बाद में एनकाउंटर करवा देना। मगर, कैप्टन ने दिल से माफ किया। कैप्टन पहले भी माफ कर देते, लेकिन कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि खुद जलाया है, इसलिए ही वे कुछ नहीं कर रहे थे। पहले जानिए धर्मेंद्र हुड्‌डा ने लाइव आकर क्या-क्या कहा… अब जानिए लाइव आने वाला धर्मेंद्र हुड्‌डा कौन… कैप्टन कोठी केस में सीबीआई कोर्ट का फैसला जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान रोहतक में पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट शुक्रवार को अपना निर्णय सुनाया था। बहुचर्चित केस में 56 आरोपी थे, जिसमें ज्यादातर रोहतक व झज्जर के रहने वाले थे। सीबीआई कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। सीबीआई कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र के मुताबिक, पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के भतीजे रोहित के बयान पर साल 2016 में केंद्रीय जांच एजेंसी ने एफआईआर दर्ज की थी। आरोप था कि जाट आरक्षण आंदोलन हिंसा के दौरान भीड़ लाठी, तलवार और पेट्रोल बम से लैस होकर दिल्ली बाइपास की तरफ से पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी की तरफ आई और जबरन घर में घुस गई। घर के अंदर खड़े वाहनों को आग लगा दी और कोठी का सामान लूट लिया। घर में मौजूद लोगों को मारने के इरादे से पेट्रोल बम फेंके।
127 लोगों की हुई गवाही, चार जज, डीसी, दो एसपी भी शामिल सीबीआई कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज करने वाले चार जजों के अलावा तत्कालीन रोहतक डीसी डीके बेहरा सहित तत्कालीन रोहतक एसपी व सीबीआई एसपी तक के बयान दर्ज हुए। केस में तेजी लाने के लिए हाईकोर्ट ने हर सप्ताह सुनवाई की हिदायत दी थी। साथ ही तय किया था कि दिसंबर 2025 तक सुनवाई पूरी हो जाए। हालांकि, बाद में सुनवाई की समय सीमा बढ़ा दी थी। जिसमें आज फैसला आया है। ——————— यह भी पढ़ेंः जाट आरक्षण आंदोलन के 56 लोग CBI कोर्ट से बरी:पूर्व मंत्री की कोठी जलाने का मामला, एक आरोपी देश छोड़कर भाग चुका जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान रोहतक में पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट शुक्रवार को अपना निर्णय सुनाया है। बहुचर्चित केस में 56 आरोपी हैं, जिसमें ज्यादातर रोहतक व झज्जर के रहने वाले हैं। सीबीआई कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर…

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