जालंधर में इलेक्ट्रिक चूल्हे के लिए मारामारी:सिलेंडर न मिलने से बच्चे भूखे, कैंटीन बंद हुई, इंडक्शन के रेट डबल, हर 5 मिनट बाद ग्राहक

जालंधर पर भी ईरान-इजराइल युद्ध का असर दिखना शुरू हो गया है। सिलेंडर लेने आई एक महिला ने बताया कि एक ही सिलेंडर है। सुबह अचानक खत्म हो गया जिससे बच्चे भूखे हैं। वहीं एक महिला आटो में 3 सिलेंडर लादकर लाई। पूछा को कहा कि प्राइवेट अस्पताल की कैंटीन चला रही हूं। सिलेंडर खत्म होने से बंद कर दी। सिलेंडर न मिले को काम चलाना मुश्किल हो जाएगा। अस्पताल के अंदर लकड़ी भी नहीं जला सकते। अब कुछ और सोचना होगा। ये कहते ही महिला के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच जाती हैं और वो सोच में पड़ जाती है। वहीं गैस सप्लाई प्रभावित होने के बाद अचानक से बाजार में इंडक्शन की मांग बढ़ गई है।
दुकानदारों ने बताया कि सिलेंडर क्राइसिस के बाद अचानक से इंडक्शन खरीदने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। शहर में डेली की 500 से 600 तक इंडेक्शन की मांग पहुंच गई है। कॉपर महंगा होने से इंडक्शन के रेट 2500 रुपए से 3600 रुपए तक पहुंच गए हैं। डिमांड इतनी है कि पूरी नहीं हो रही। जालंधर की होलसेल इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रानिक मार्केट फगवाड़ा गेट में पहुंचने वाला हर दूसरा कस्टमर इंडेक्शन की मांग कर रहा है।
दुकानदारों ने कहा कि पंजाब में बिजली महंगी होने से यहां शुरू से इंडक्शन का ट्रेंड नहीं रहा है, इसलिए वह कुछ पीस इंडक्शन ही लाकर रखते थे। गर्मियों में तो बिलकुल नहीं रखते क्यों इसकी मांग नहीं होती। सिलेंडर न मिलने से लोग पैनिक हैं, जिससे इमरजेंसी के लिए इंडक्शन खरीदकर रख रहे हैं।
सबसे ज्यादा जिस इंडक्शन की मांग है, उसमें सभी बर्तन पर काम करने वाला इंडक्शन बेस शामिल है। लोगों का कहना है कि ऐसा इंडक्शन चाहिए जिस पर सभी तरह के बर्तन चल सकें। अकेले नॉनस्टिक बर्तन वाले इंडक्शन की डिमांड कम है। जानें इंडक्शन की बढ़ी मांग पर क्या बोले दुकानदार… सिलेंडर नहीं मिल रहा घर में बच्चे भूखे हैं
बस्ती एरिया की गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने पहुंची प्रवासी महिला मोना ने बताया उसके पास एक ही सिलेंडर है। कल से ये भी खत्म हो गया। शुक्रवार को वह सिलेंडर बुक करवाने के लिए पहुंची लेकिन गैस एजेंसी बंद मिली। महिला ने बताया कि गैस खत्म होने की वजह से घर में खाना नहीं बन पाया है। वह खुद और उसके बच्चे भूखे हैं। अब गैस एजेंसी मालिक दफ्तर खोलेगा और सिलेंडर बुक करवाएगा तब जाकर घर में खाना पक पाएगा। कैंटीन बंद हो गई, एक सिलेंडर बचा, कोई ब्लैक में ही दिला दे
कोहली गैस एजेंसी के बाहर आटो में पहुंची पूजा नामक एक महिला ने बताया कि उसे सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। जब उससे पूछा गया कि लोगों को एक सिलेंडर बुक कराने में दिक्कत आ रही है और तुम 2 घरेलू और 1 कॉमर्शियल सिलेंडर लेकर जा आई हो, इसे कैस बुक करवाएंगी। इस पर महिला ने कहा कि वह जालंधर के एक प्राइवेट अस्पताल में कैंटीन चलाती है। तीनों सिलेंडर खत्म हो गए। 2 सिलेंडर कॉपी पर हैं और एक ब्लैक। पहले ब्लैक में मिल जाते थे अब तो वो भी नहीं मिल रहे। उसकी कैंटीन बंद हो गई है। अब एक सिलेंडर बचा है, इससे घर चलाउं या कैंटीन। मुझे तो सिलेंडर चाहिए, कोई ब्लैक में ही दिला दो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *