जालंधर में कबड्डी खिलाड़ी की मौत हो गई। वह अपने गांव उदोवाल से साथ लगते गांव बालोकी खेड़ा रोड पर गया था। सुबह जब लोग सड़क से गुजरे तो उन्हें उसकी लाश सड़क पर पड़ी मिली। उसके पास एक सिरिंज भी पड़ी हुई थी। जिससे नशे की ओवरडोज से मौत की आशंका जताई गई। हालांकि परिवार ने मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी और खिलाड़ी का अंतिम संस्कार कर दिया है। सरपंच ने कहा कि गांव में नशा इतना हो चुका है कि 21 दिन में ये दूसरी मौत हो गई है। मृतक की पहचान वंशदीप (19) के नाम से हुई। उसने 2 साल पहले ही 12वीं पास की थी। उसने स्कूल लेवल से ही कबड्डी खेलने शुरू कर दिया था, वह अब तक कई टूर्नामेंट खेल चुका था। नेशनल टीम में भी सिलेक्ट हो चुका था। वंशदीप के परिवार में माता-पिता, छोटा भाई और एक बहन है। सरपंच ने बताईं 3 बड़ी बातें… अच्छा खिलाड़ी था, लेकिन नशे की लत लगी गांव उधोवाल के पंच मनप्रीत सिंह ने बताया कि वंशदीप अच्छा खिलाड़ी था और उसने कई कबड्डी टूर्नामेंट में स्कूल को रिप्रेजेंट किया था। स्कूलिंग के बाद वह टीचरों से दूर हो गया। ड्रग्स ने उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया। उन्होंने कहा कि ड्रग्स से मौत का पहला मामला नहीं है। 17 फरवरी को भी उसके पड़ोसी जसदीप सिंह जस्सा की संदिग्ध ओवरडोज से मौत हो गई थी, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस को दी थी।। एसएसपी बोले- नशा छुड़ाओ केंद्र में भर्ती कराया था एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने कहा कि वंशदीप की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वंशदीप का रिकॉर्ड खंगाला गया तो पता चला कि नशे का आदी था और पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत 6 जून को नशा छुड़ाओ केंद्र में भर्ती करवाया गया था। इस दौरान पुलिस द्वारा वंशदीप के खिलाफ 110 नंबर एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसके बाद वंशदीप नशा छोड़ चुका था। परिवार के अनुसार नशे के कारण वंश की मौत नहीं हुई है, बल्कि बीमार रहने के कारण वंश की मौत हुई है।