जालंधर रोडवेज डिपो में किलोमीटर स्कीम बसों के टेंडर रद्द न होने और कच्चे मुलाजिमों के सस्पेंशन के विरोध में मुलाजिम लगातार तीसरे दिन भी धरने पर बैठे हुए हैं। डिपो के भीतर प्राइवेट बसों की एंट्री पर रोक है और कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है। आज ट्रांसपोर्ट मंत्री के साथ होने वाली बैठक के बाद आंदोलन की अगली दिशा तय होगी। जालंधर रोडवेज डिपो में पिछले तीन दिनों से किलोमीटर स्कीम बसों के टेंडर रद्द न किए जाने के विरोध में कर्मचारियों का धरना जारी है। इसके चलते डिपो के अंदर किसी भी प्राइवेट बस को प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। कर्मचारियों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह रोडवेज के हितों की अनदेखी कर रही है, जिससे उनका गुस्सा बढ़ गया है। कच्चे मुलाजिमों को सरकार ने किया सस्पेंड रोडवेज डिपो 1 के प्रधान चनन सिंह ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा कि सरकार ने 29 नवंबर को कच्चे मुलाजिमों को सस्पेंड कर दिया था जिन्हें अभी तक बहाल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सीएम मान के बयान के बाद भी अभी तक सस्पेंशन कैंसिल नहीं हुआ है। जिससे कर्मचारियों में नाराजगी और ज्यादा बढ़ गई है।
आज होगी अहम बैठक
चनन सिंह ने कहा कि आज पंजाब के ट्रांसपोर्ट मंत्री और कर्मचारियों के साथ दोपहर में बैठक होगी। इस बैठक के बाद ही यह साफ होगा कि धरना जारी रहेगा या फिर आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा। कर्मचारी आज की मीटिंग को लेकर पूरी उम्मीद लगाए बैठे हैं।