जालंधर में नगर निगम द्वारा होटल पार्क प्लाजा के एक हिस्से पर की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए सरकार पर स्वतंत्र आवाजों को दबाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के दिग्गज नेताओं ने एकजुट होकर इस कदम की कड़ी निंदा की है और इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। सत्ता के नशे में चूर है सरकार: राजा वडिंग पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार सत्ता के नशे में इतनी चूर है कि वह उन संस्थानों को निशाना बना रही है, जो सरकार की लाइन पर नहीं चलते। वडिंग के अनुसार, होटल के हिस्से को गिराने का फैसला केवल डराने की एक कोशिश है। कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया को प्रतिशोध की भावना से की गई कार्रवाई बताया है। नशे और गैंगस्टरों पर दिखाएं ऐसी फुर्ती: सुनील जाखड़ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, भगवंत मान सरकार मीडिया की आवाज दबाने में जितनी तेजी दिखा रही है, अगर उतनी ही फुर्ती नशे और गैंगस्टरवाद को खत्म करने में दिखाई होती, तो आज पंजाब सुरक्षित होता। जाखड़ ने कहा कि स्वतंत्र संस्थान लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और उनके खिलाफ दमनकारी सोच रखना निंदनीय है। भाजपा ने स्पष्ट किया कि वे संस्थान की स्वतंत्रता के साथ मजबूती से खड़े हैं। साथ ही, उन्होंने मौके पर विरोध करने पहुंचे विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की गिरफ्तारी का भी कड़ा विरोध किया। प्रतिष्ठित संस्थानों को डराने का प्रयास: सुखबीर बादल
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि सरकार को यह बर्दाश्त नहीं है कि कोई संस्थान स्वतंत्र रूप से अपनी बात रखे। अकाली दल नेता ने जोर देकर कहा कि कोर्ट जाने का समय न देना यह दर्शाता है कि यह कार्रवाई नियम के तहत नहीं बल्कि दबाव बनाने के लिए की गई है। पार्टी ने इस दौरान अपने कार्यकर्ताओं की हुई गिरफ्तारियों की भी आलोचना की और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।