जालंधर के पीपीआर (PPR) मार्केट उस समय अखाड़ा बन गई जब जीएसटी विभाग की टीम एक दफ्तर में रेड करने पहुंची। कार्रवाई के दौरान स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि वहां तैनात बाउंसरों ने कथित तौर पर जीएसटी अधिकारियों को दफ्तर के अंदर ही रोक लिया और बाहर से शटर गिरा दिया। सरकारी कर्मचारियों को बंधक बनाने की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। उन्होंने कार्रवाई कर बंधक बनाए गए कर्मचारियों को बाहर निकाला। देर रात तक इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया और तनाव का माहौल बना रहा। मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार (16 फरवरी) शाम को जीएसटी विभाग की टीम ‘मेजर रियल स्टेट्स’ नाम के एक कार्यालय पर नियमित जांच और रेड के लिए पहुंची थी। बताया जा रहा है कि यह कार्यालय एक रसूखदार स्थानीय कांग्रेस नेता द्वारा संचालित किया जा रहा है। जैसे ही टीम ने दस्तावेजों की जांच शुरू की, वहां मौजूद बाउंसरों और कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि एक स्थानीय नेता के इशारे पर बाउंसरों ने सरकारी ड्यूटी कर रहे अधिकारियों के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि उन्हें कमरे में बंद कर बाहर से शटर गिरा दिया। इस घटना ने मौके पर मौजूद अधिकारियों में हड़कंप मचा दिया और तुरंत इसकी जानकारी आला अधिकारियों और पुलिस को दी गई। पुलिस की एंट्री और हाई-वोल्टेज ड्रामा मामले की गंभीरता को देखते हुए जालंधर पुलिस के अधिकारी पुलिस फोर्स के साथ पीपीआर मार्केट पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद काफी देर तक वहां बहसबाजी चलती रही। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शटर खुलवाया और बंधक बनाए गए जीएसटी कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाला। विवादों में घिरे नेता का कनेक्शन सूत्रों के अनुसार, जिस नेता के कार्यालय पर यह रेड हुई है, उनका नाम पहले भी अवैध कॉलोनियां काटने और भू-माफिया से जुड़े मामलों में सामने आता रहा है। इसी के चलते विभाग को टैक्स चोरी के इनपुट मिले थे, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई थी। हालांकि, नेता के समर्थकों का दावा है कि यह कार्रवाई राजनीतिक द्वेष के चलते की गई है। देर रात तक चली एफआईआर की तैयारी इस घटना के बाद जीएसटी विभाग के अधिकारियों में भारी रोष देखा गया। सरकारी काम में बाधा डालने, अधिकारियों को बंधक बनाने और धमकी देने के आरोपों के तहत एफआईआर दर्ज करने की तैयारी देर रात तक चलती रही। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि पहचान की जा सके कि शटर गिराने और टीम को रोकने में मुख्य भूमिका किसकी थी। पुलिस अब संबंधित नेता और उनके बाउंसरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है। इसके अलावा जीएसटी विभाग ‘मेजर रियल स्टेट्स’ के दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रहा है ताकि टैक्स चोरी का खुलासा हो सके।