भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की न्यू रेलवे रोड शाखा, जालंधर में क्लर्क रह चुके नवीन कुमार जैन पर 37 साल पुराने भ्रष्टाचार मामले में मोहाली की विशेष CBI कोर्ट ने सख्त कार्रवाई की है। विशेष न्यायाधीश ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए ओपन डेटेड (बिना तारीख वाले) गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए। नवीन कुमार जैन पर 21 अगस्त 1989 को CBI की एंटी करप्शन ब्रांच चंडीगढ़ ने केस दर्ज किया था। उस पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी के आरोप है। उस पर IPC की धारा 420, 467, 468, 471, 477 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगे थे। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है याचिका 2 दिसंबर 1994 को विशेष न्यायाधीश CBI पटियाला ने उन्हें दोषी ठहराया। नवीन कुमार जैन ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर की, जिसे 9 सितंबर 2010 को खारिज कर दिया गया। चूंकि वह बैंक कर्मचारी थे, इसलिए उन्हें प्रोबेशन का लाभ नहीं मिला। सजा काटने के लिए अदालत में आत्मसमर्पण न करने पर 16 अप्रैल 2013 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें भगौडा घोषित कर दिया था। गिरफ्तारी के लिए जरूरी वारंट CBI के उप पुलिस अधीक्षक द्वारा दायर आवेदन पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने माना कि अभियुक्त की उपस्थिति सामान्य तरीके से सुनिश्चित नहीं हो रही है। इसलिए उनकी गिरफ्तारी के लिए ओपन डेटेड नॉन-बेलेबल वारंट जारी करने का आदेश दिया गया। मामले के दस्तावेज अब रिकॉर्ड रूम में भेज दिए गए हैं।