जिंदा जला बेटा, पिता को खबर नहीं:शिवरात्रि की मेहंदी हाथों में और लाड़ले की मौत की खबर आई, बेसुध मां पूछती रही- मेरा बेटा कहां है

बदहवास मां, बेसुध पत्नी और बेबस पिता। सब चीखते-चिल्लाते। बार-बार एक ही सवाल पूछ रहे हैं- मेरा बेटा कहां है, मेरा पति कैसा है? कोई तो बता दे। ये मंजर था भिवाड़ी थाने का। सोमवार (16 फरवरी) को अवैध पटाखा फैक्ट्री में जिंदा जले मजदूरों के परिवार वालों को देर शाम थाने लाया गया था। यहां रो-रोकर उनका बुरा हाल था। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह इनको संभाला। भिवाड़ी के खुशखेड़ा-कारौली औद्योगिक क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ था। 7 लोगों ने जान गंवाई थी। इस हादसे का शिकार होने वाले 6 मजदूर बिहार के मोतिहारी और चंपारण जिलों के रहने वाले थे। मृतकों में से कुछ के परिजन भी भिवाड़ी में ही रहते थे। इन्हें मोतिहारी का ही रहने वाला फैक्ट्री मैनेजर अभिनंदन यहां लाया था, जो फिलहाल पुलिस हिरासत में है। मौत की खबर सुन उनके परिजनों का क्या हाल था… PHOTOS देखिए बिहार के मोतिहारी जिले के झरोखर कस्बे के रहने वाले सिकंदर का 17 साल का बेटा मिंटू भी अवैध पटाखा फैक्ट्री में काम करता था। हादसे में उसकी जान भी चली गई। विस्फोट की सूचना मिलने पर सिकंदर तुरंत फैक्ट्री की ओर दौड़े। मौके पर आग का मंजर देख सन्न रह गए। बड़ी मुश्किल से खुद को संभाला और लोगों से पूछा- मेरा बेटा भी यहां काम करता था, उसका कुछ पता है क्या? लेकिन कुछ पता नहीं चला। थोड़ी देर बाद मृतकों की पुष्टि हुई। मिंटू का नाम भी मृतकों में था पर पिता को खबर नहीं लगी। 16 फरवरी की देर शाम तक इसी इंतजार में बैठे रहे कि उनके बेटे की कोई खबर आ जाए। इस बात से बेखबर थे कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। ये अकेले सिकंदर की कहानी नहीं है। हादसे में मारे गए बाकी मजदूरों के परिजनों का भी ऐसा ही हाल था। किसी का जवान बेटा चला गया तो किसी के घर का इकलौता सहारा। कई बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। डेढ़ महीने पहले ही बिहार से आए
फैक्ट्री में काम करने के लिए ये मजदूर डेढ़ महीने पहले ही बिहार से भिवाड़ी आए थे। 15 फरवरी को इन लोगों ने शिवरात्रि मनाई थी। महिलाओं ने मेहंदी लगाई थी। 16 फरवरी की सुबह घरों से पुरुष मजदूरी के लिए निकले थे। घर से निकले एक-दो घंटे ही हुए थे कि परिजनों को फैक्ट्री में आग की सूचना मिली। 16 फरवरी को इंडस्ट्रियल एरिया में हुई घटना
भिवाड़ी के खुशखेड़ा रीको एरिया में 16 फरवरी की सुबह करीब साढ़े नौ बजे ये घटना हुई। डेढ़ महीने से फैक्ट्री में गुपचुप तरीके से पटाखे बनाए जा रहे थे। रीको प्रशासन या पुलिस को इसकी भनक तक नहीं थी। न तो मजदूर अंदर जाते हुए नजर आते थे, न ही बाहर आते हुए। आशंका जताई जा रही है कि फैक्ट्री में चाइनीज गन में काम आने वाली कैप्सूल बनाई जा रही थी। माल दिल्ली भेजा जाना था। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक सहित 4 के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के बावजूद खतरनाक काम करवाया
मिंटू (मृतक) के छोटे भाई राजकुमार ने एफआईआर में बताया- फैक्ट्री मालिक राजेंद्र, हेमंत कुमार शर्मा, कम्पनी सुपरवाइजर अभिनन्दन तिवारी, ठेकेदार अजीत पुत्र सुरेन्द्र सिंह की जानकारी में था कि मजदूरों से बिना किसी सेफ्टी उपकरण के काम कराया जा रहा है। इस अवैध काम की वजह कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ऐसी दुर्घटना में मजदूरों की जान भी जा सकती है। इस जानकारी के बावजूद कंपनी मालिक, सुपरवाइजर, ठेकेदार ने मेरे भाई व अन्य मजदूरों से यह काम करवाया। फैक्ट्री मालिक राजेंद्र कुमार गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश), हेमंत कुमार शर्मा शाहजहांपुर जिला कोटपूतली बहरोड़ (राजस्थान), अभिनन्दन तिवारी निवासी मटियरिया, थाना हरसौली, जिला मोतिहारी (बिहार) ठेकेदार अजीत निवासी खुशखेड़ा, जिला खेरथल-तिजारा (राजस्थान) के रहने वाले हैं। ठेकेदार ने नहीं बताया था, काम क्या करना है
राजकुमार ने बताया- हमें काम की आवश्यकता थी। मैनेजर ने कहा कि वहां काम दिलवाऊंगा। 22 हजार रुपए सैलरी मिलेगी। ज्यादा पैसे मिल रहे थे, इसलिए काम के लिए हां कर दी। मैनेजर ने यह नहीं बताया कि क्या काम करना होगा। मैनेजर सभी को ज्यादा पैसों का लालच देकर गुमराह करता था। मिंटू और दूसरे साथियों को यहीं आकर पता चला कि पटाखे की फैक्ट्री में काम करना है। ———————— भिवाड़ी हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… गत्ते फैक्ट्री तक पहुंच सकती थी आग, दर्जनभर मजदूर थे:जहां विस्फोट में 7 की मौत हुई, वहां से दिल्ली भेजे जाने वाले थे पटाखे
राजस्थान के भिवाड़ी की फैक्ट्री में धमाके के बाद लगी आग में काम कर रहे सभी मजदूर जिंदा जल गए। इनमें से बच पाए वो गंभीर रूप से झुलस गए। (पूरी खबर पढ़ें) राजस्थान की केमिकल फैक्ट्री में धमाका, 7 लोग जिंदा जले:अवैध रूप से बन रहे थे पटाखे, 3 मृतकों की हुई पहचान
राजस्थान के भिवाड़ी की केमिकल फैक्ट्री में अचानक तेज धमाका हुआ। इसमें 7 मजदूर जिंदा जल गए, जबकि 4 गंभीर रूप से झुलस गए। (पढ़िए पूरी खबर)

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