झज्जर में पत्नी-साले ने रची वकील की हत्या की साजिश:केस के बहाने से बुलाया, चाकू से काटा गला, महिला समेत 3 अरेस्ट

झज्जर में वकील की चाकू मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हत्या की साजिश रचने वाले कोई और नहीं बल्कि वकील की पत्नी और पत्नी का भाई शामिल है। मृतक के परिजनों की शिकायत पर दर्ज नामजद एफआईआर पर कारवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी हिमांशु निवासी कुलताना, जिला रोहतक, गुभाना निवासी आशीष व मृतक की पत्नी को गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि मृतक वकील देवराज के खेत को बेचकर मिलने वाली रकम के लालच में आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया। काम के बहाने से वकील को बुलाया गांव सिलानी निवासी जगत सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसका छोटा बेटा देवराज सिंह पेशे से वकील था और झज्जर में माता गेट के पास रहता था। 4/5 मार्च 2026 की रात हिमांशु निवासी कुलताना ने देवराज को किसी काम के बहाने बुलाया था। बाद में उसे तेजधार हथियार से गले पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया और उसे उपचार के लिए पीजीआई रोहतक ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चाकू निकाल कर गले पर किया वार पूछताछ में सामने आया कि हिमांशु ने देवराज को किसी केस के बहाने बुलाया था। उसने अचानक चाकू निकालकर देवराज के गले पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से देवराज की हालत बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक देवराज के खेत को बेचकर मिलने वाली रकम के लालच में आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया। सिटी थाना झज्जर प्रभारी इंस्पेक्टर बलदेव ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन और दो चाकू बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी हिमांशु को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि अन्य दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एक साल पहले ही किया था प्रेम विवाह करीब एक साल पहले देवराज ने गुभाना गांव की स्वीटी से प्रेम विवाह किया था। स्वीटी की यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से एक बेटा भी है। शादी के बाद देवराज ने ही उस बच्चे को अपना नाम दिया था। वर्तमान में देवराज झज्जर के माता गेट मोहल्ले में अपने ससुर प्रकाश और दिव्यांग साले के साथ किराये के मकान में रह रहा था। उसके साथ उसकी पत्नी स्वीटी और बेटा शौर्य भी रहते थे।

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