झोटा लेकर सोनीपत DC के पास पहुंचे किसान:’जाट-झोटा जहां मिलेगा, लठ मारूंगा’ कहने वाले अधिकारी पर कार्रवाई की मांग, बोले- आंदोलन करेंगे

सोनीपत में बिजली निगम के एसई गीतू राम तंवर की जाट समाज को लेकर की गई टिप्पणी पर किसान भड़क गए। शुक्रवार को किसान झोटा लेकर लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उन्होंने DC नेहा सिंह को को ज्ञापन सौंपकर विवादित टिप्पणी करने वाले तंवर पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। गीतू राम तंवर का दो दिन पहले एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह कह रहे थे कि जाट और झोटा जहां मिलेगा, लठ मारूंगा। उनके इस वीडियो के बाद कई जाट संगठनों ने विरोध जताया। बिजली निगम के भी कई अधिकारियों ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से गीतू राम तंवर की शिकायत की। जिसके बाद उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (UHBVNL) के एमडी ने गीतू राम तंवर को सस्पेंड कर दिया। किसान नेता बोले- समाज से माफी मांगे तंवर DC को ज्ञापन सौंपने से पहले किसान और जाट समाज के लोग शहर की छोटू राम धर्मशाला में एकत्रित हुए। किसान नेता वीरेंद्र पहल ने बताया कि बिजली निगम के अधिकारी गीतू तंवर के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी मांग की कि गीतू जाट समाज के बीच पहुंचकर माफी मांगे। इसके अलावा, उन्होंने सरकार से गीतू तंवर की प्रॉपर्टी की जांच करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो फसल कटाई के बाद बड़े स्तर पर एक आंदोलन किया जाएगा, जिसमें किसान और पशुपालक दोनों शामिल होंगे। एसई की वीडियो में क्या, यहां सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए … गीतू तंवर बोले- 6 महीने पुराना वीडियो विवाद के बाद 2 अप्रैल को गीतू राम तंवर ने करनाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि वह वीडियो करीब पांच-छह महीने पुराना है। वीडियो को काटकर सिर्फ एक हिस्सा वायरल किया गया। पूरी वीडियो में सब कुछ समझ आ जाएगा। वे सोनीपत डीसी कैंप ऑफिस में सभी अधिकारियों के साथ बैठकर हंसी-मजाक कर रहे थे और वह सब मजाक में कही गई बातें थीं। एक सोची-समझी साजिश के तहत उनका वीडियो बनाया गया। उन्होंने कभी भी किसी के साथ जातीय भेदभाव या द्वेष नहीं रखा। उस समय वहां दो जाट, एक गर्ग, एक बिश्नोई और एक पंडित मौजूद थे। अगर उनकी बातों से किसी को ठेस पहुंची है तो वे दिल से माफी मांगते हैं। अगर मौके पर ही किसी ने आपत्ति जताई होती तो वे वहीं माफी मांग लेते। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने अधिकारियों को पत्र के जरिए कई बार अवगत कराया कि मामले को लेकर जांच करवाई जाए। उन्होंने शिकायत की कि अधिकारियों ने बिना जांच किए ही उन पर कार्रवाई कर दी। उन्होंने विभाग से आग्रह किया है कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए।

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