भास्कर न्यूज | जालंधर दोआबा क्षेत्र में जालंधर इकलौता शहर है, जहां ट्रांसपोर्ट नगर स्थित है। लेकिन यह नगर पिछले कई वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के इंतजार में है। तस्वीरों के जरिए यहां की जमीनी हकीकत साफ देखी जा सकती है। लम्मा पिंड चौक के पास हाईवे किनारे जेटी ने ट्रांसपोर्ट नगर विकसित किया था। यहां रोजाना करीब 5000 ट्रकों का आना-जाना होता है। ट्रक चालकों की सबसे बड़ी जरूरत पर्याप्त पार्किंग एरिया है। इसके अलावा मुख्य सड़क और स्ट्रीट लाइटों की उचित व्यवस्था भी जरूरी है, ताकि ट्रकों में लदा सामान सुरक्षित रह सके और चोरी की घटनाएं न हों। अब ट्रांसपोर्ट नगर को नगर निगम जालंधर टेकओवर कर चुका है, लेकिन इसके बावजूद मूलभूत सुविधाओं की हालत दयनीय बनी हुई है। स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और पार्किंग एरिया कई सालों से बदहाल स्थिति में हैं। नगर निगम ने कंक्रीट की मुख्य सड़क तो बना दी है, लेकिन पार्किंग एरिया आज भी कच्चे हैं। कई पार्किंग स्थलों पर बिल्डिंग मटीरियल बेचने वालों ने कब्जा कर रखा है। गंदगी की भरमार है और अवैध कब्जों के कारण ग्रीन बेल्ट भी बर्बाद हो रही है। आज देश के कई शहरों में आधुनिक लॉजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जबकि जालंधर के पास पहले से यह सुविधा मौजूद है। बावजूद इसके, देखभाल और प्रबंधन की कमी के कारण ट्रांसपोर्ट नगर की हालत लगातार खराब होती जा रही है।