NEET छात्रा की मौत मामले में परिवार को शुक्रवार को DGP ने अपने आवास पर मिलने के लिए बुलाया। इस दौरान SIT की टीम और पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे। मुलाकात के बाद छात्रा की फैमिली गुस्से में DGP आवास से निकली। उनको डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी से मिलने के लिए कहा गया, लेकिन परिवार काफी गुस्से में था। वो सम्राट चौधरी के आवास पर नहीं गए, जहानाबाद के लिए निकल गए। दरअसल, डीजीपी से मिलकर बाहर पहुंचे छात्रा के भाई ने कहा, ‘DGP से मीटिंग के दौरान मां से कहा- ‘मान लीजिए आपकी बेटी ने सुसाइड किया है, उसके साथ रेप नहीं हुआ है।’ छात्रा की मां ने कहा, ‘मेरी बेटी को कोई न्याय नहीं दिलवा पा रहा। गड्डी मिली है सब को। हम गड्डी नहीं दे पा रहे हैं। DSP, SP सब बिके हुए हैं। सम्राट चौधरी हमें बुला रहे हैं। हम उनसे मिलकर क्या करेंगे। हमें सिर्फ न्याय चाहिए।’ पिता ने कहा, ‘हमें यहां न्याय नहीं मिल रहा है। हम यहां न्याय के लिए आए थे। लगा कि ये कुछ बताएंगे, लेकिन सब फालतू बातें की गईं।’ सम्राट चौधरी ने अधिकारियों के साथ बैठक की डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, DGP विनय कुमार और पटना SSP कार्तिकेय शर्मा को भी अपने आवास पर बुलाया। सम्राट चौधरी खुद इस पूरे मामले की समीक्षा कर रहे हैं। मुलाकात के बाद DGP और SSP थोड़ी देर में ही डिप्टी CM के आवास से बाहर निकल गए। SIT की जांच से परिवार संतुष्ट नहीं बताया जा रहा है कि SIT की टीम नतीजे तक पहुंच गई है। पूरी जांच रिपोर्ट गृह मंत्री सम्राट चौधरी को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट में पटना के अंदर किसी तरह की भी घटना से साफ तौर पर इनकार कर दिया गया है। खुलासा करने से पहले गृह मंत्री परिजनों को संतुष्ट करना चाहते थे, इसलिए DGP की ओर से पहल की गई और परिजनों को पूरी जांच रिपोर्ट दिखाई गई। CCTV फुटेज से लेकर अब तक की जो जांच रही। उसके बारे में छात्रा के परिवार को जानकारी दी गई है। हालांकि परिवार इस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं। जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पटना में स्टूडेंट्स ने निकाला न्याय मार्च वहीं इस मामले को लेकर पटना विश्वविद्यालय की छात्राएं शुक्रवार को सड़क पर उतरीं। छात्राओं ने पटना के मगध महिला कॉलेज से कारगिल चौक तक ‘बेटी बचाओ न्याय मार्च’ निकाला। कारगिल चौक पर सभी छात्राओं ने प्रदर्शन किया। छात्राओं ने कहा, ‘सम्राट चौधरी बेटियों को सुरक्षा दो। NEET छात्रा की मौत की CBI करवाओ।’ इधर, पुलिस के मुताबिक, छात्रा के फोन का डाटा रिकवर हो गया है। फोन के डेटा को एनालाइज किया जा रहा है। इसमें SIT को स्नैप चैट से भी साक्ष्य हाथ लगे हैं। अब SIT की नजर 3 संदिग्धों पर है। DNA सैंपल की रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारी विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले इस मामले का खुलासा करना चाहते हैं। पटना में प्रदर्शन की तस्वीरें… हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई इस मामले की मॉनिटरिंग करवाने के लिए एक जनहित याचिका पटना हाईकोर्ट में सुषमा कुमारी ने दायर की है। याचिकाकर्ता ने अपनी इस याचिका को अधिवक्ता अलका वर्मा से दायर करवाया है। इसमें कहा गया है कि, जांच पूरी विश्वसनीयता और पारदर्शी तरीके से हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग में होनी चाहिए। DNA: अब तक 25 लोगों के सैंपल लिए, हर जानने वाले का टेस्ट होगा नीट छात्रा रेप-मौत केस में अब तक जांच एजेंसियां 25 लोगों के DNA सैंपल ले चुकी हैं। इनमें शंभू गर्ल्स हॉस्टल आने-जाने वाले युवक, हॉस्टल से जुड़े लोग, छात्रा को अस्पताल पहुंचाने में मदद करने वाले, परिजन और करीबी शामिल हैं। इस मामले में हॉस्टल संचालक के बेटे का भी DNA सैंपल लिया गया है। इससे साफ है कि SIT जांच में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतना चाहती। FSL की जांच में छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिलने के बाद DNA मिलान जांच का सबसे अहम आधार बन गया है। इसी स्पर्म के DNA को सभी संदिग्ध लोगों के DNA से मैच किया जाएगा। जांच एजेंसियों का मानना है कि अगर एक भी प्रोफाइल मैच होती है तो केस की दिशा पूरी तरह साफ हो जाएगी। जज की मौजूदगी में मेडिकल गाइडलाइन के तहत DNA सैंपल लिए गए। सैंपल सील कर FSL भेजे गए हैं। SIT का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा रेफरेंस सैंपल लेकर जांच को कोर्ट में विवाद मुक्त बनाना जरूरी है। इसी वजह से परिजनों और मददगारों के भी सैंपल लिए गए। हालांकि इस पर परिवार ने आपत्ति जताई है।