डॉक्टर ने स्टेटस लगाया- 24 घंटे में न्याय मिला:डरो मत आवाज उठाओ, कानून है…, गोरखपुर में बैड टच कर लड़कों ने उतारी थी शर्ट

मुझे गोरखपुर में 24 घंटे के अंदर इंसाफ मिल गया। मेरे इस लेख को पढ़ने वाली हर लड़की से मेरा यही कहना है कि अपनी आवाज उठाने से डरो मत। न्याय की शुरुआत उसी क्षण होती है, जब आप यह तय कर लेते हैं कि अब चुप रहना विकल्प नहीं है। जब तक आप अपने डर से बाहर निकलने का पहला कदम नहीं उठाते, तब तक दुनिया आपके लिए नहीं बदलेगी। मैं मजबूती से खड़ी रही। 24 घंटे के अंदर ही दोषियों की पहचान कर उन्हें अरेस्ट कर लिया गया। गलत करने वाले अब सलाखों के पीछे हैं। कानून की सभी धाराएं लागू की जा चुकी हैं। कानून मौजूद है। जब आप उससे काम करने के लिए मांग करते हैं, तो वह आपकी डिमांड पूरी करता है। यह केवल बदला लेना नहीं बल्कि लड़कियों की गरिमा के बारे में है। इसका मतलब हमे एक सीमा तय करनी होगी। जिससे अधिक होने पर कहना होगा कि अब बस बहुत हो गया। किसी को भी घूरने और हमारा पीछा करने का हक नहीं है। यह हमे आहत, अपामानित और नीचा दिखाने के लिए किया जाता है। हम सम्मान के पात्र हैं हमेशा, इसलिए हर महिला को सिर उठाकर बाहर कदम निकालना चाहिए। शर्म की बात कभी हमारी नहीं थी। यह डर कभी नहीं था। भविष्य भी उन महिलाओं का ही है, जो चुप रहने से इन्कार करती हैं। अपनी बातों को बिंदास रखती हैं। महिलाओं तुम निडर रहो, कभी अकेली नहीं हो। बेहद सराहनीय प्रयास था। हम हर दिन परिस्थिति में एक साथ और भी मजबूत होते जा रहे हैं। गोरखपुर एम्स में 22 फरवरी को महिला डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया। 24 घंटे के अंदर पुलिस ने तीनों आरोपियों को पकड़कर जेल भिजवा दिया। इसके बाद नागालैंड की रहने वाली 24 साल की एम्स की डॉक्टर ने खुशी जाहिर करते हुए अपनी सारी बातें इंस्टाग्राम स्टेटस पर शेयर की हैं। ताकि और भी महिलाएं इससे सबक सीखकर अपनी आवाज को बुलंद कर सकें।
मेघालय के सीएम ने घटना को शर्मनाक बताया था गोरखपुर AIIMS की महिला डॉक्टर से छेड़खानी की घटना को मेघालय के CM कॉनराड कोंगकल संगमा ने बेहद शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि किसी महिला की अस्मिता को ठेस पहुंचाना किसी भी सभ्य राष्ट्र को स्वीकार नहीं होना चाहिए। वे भी आपकी बहन-बेटियां ही हैं। इस मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। वहीं सोमवार शाम को पुलिस ने दो आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है। जबकि तीसरे आरोपी को मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया है। डॉक्टर बोली- लड़कों ने पीछे से मेरे शरीर पर हाथ मारा
AIIMS की 24 साल की पीड़ित डॉक्टर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया- मैं नागालैंड कि रहने वाली हूं। अभी AIIMS में जूनियर रेसिडेंट प्रसूती विभाग में डॉक्टर के पद पर का कर रही हूं। 22 फरवरी को मैं अपने मित्र के साथ ओरियन मॉल गई थी। वहां 3 लड़कों ने मेरे ऊपर गंदे कमेंट किए। जब हम लोग AIIMS लौट रहे थे। तब AIIMS के गेट नंबर- 2 के पास उन्हीं लड़कों ने पीछे से मेरे शरीर पर हाथ से मारा। जब हम लोगों ने विरोध किया, तो गाली देते हुए अपना कपड़े उतार दिए। फिर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। मैं पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हूं। अब पढ़िए मेघालय के CM ने क्या कहा मेघालय के CM कॉनराड कोंगकल संगमा ने मंगलवार सुबह 8:43 बजे X पर पोस्ट किया। लिखा- उत्तर पूर्व की महिलाओं के साथ नस्लीय भेदभाव और यौन उत्पीड़न सिर्फ एक सुर्खी नहीं बनना चाहिए, न ही सनसनीखेज बनाकर भुला दिया जाना चाहिए। हर बार कोई ताजा घटना सामने आने पर ही इसे पुनर्जीवित किया जाना चाहिए। AIIMS, गोरखपुर में नागालैंड के रेजिडेंट डॉक्टर के साथ नस्लीय और यौन शोषण बेहद शर्मनाक है। किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना एक सभ्य राष्ट्र को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। वे आपकी भी बहनें-बेटियां हैं। अधिकारियों से अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह करें। डॉक्टर से छेड़छाड़ के तीनों आरोपी अरेस्ट
AIIMS डॉक्टर के साथ छेड़खानी मामले में पुलिस ने सोमवार (23 फरवरी) देर शाम 2 आरोपियों को अरेस्ट कर लिया। इनकी पहचान देवरिया के कोतवाली थाना क्षेत्र के उमानगर निवासी सूरज गुप्ता और देवरिया के ही रामनाथ उत्तरी के अमृत विश्वकर्मा के रूप में हुई। वहीं, तीसरे आरोपी आदित्य राजपूत को मंगलवार सुबह AIIMS थाना पुलिस ने अरेस्ट किया। सूरज और अमृत राजर्षि टंडन से ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि आदित्य बीए सेकेंड ईयर में है। अब पढ़िए पूरा मामला गोरखपुर में 22 फरवरी की रात 8 बजे AIIMS की महिला डॉक्टर के साथ छेड़खानी और बैडटच का मामला सामने आया था। ओरियन मॉल से लौटते समय 3 लोगों ने नागालैंड की महिला डॉक्टर का पीछा किया। करीब डेढ़ किलोमीटर तक पीछा करते हुए गंदे कमेंट करते रहे। एक युवक ने डॉक्टर को डराते हुए अपनी शर्ट उतार दी। एम्स के गेट नंबर- 2 के करीब पहुंचने पर युवक ने लेडी डॉक्टर को बैडटच किया। डॉक्टर के चिल्लाने पर आरोपी भाग निकले। कैंपस पहुंचने के बाद डॉक्टर ने नॉर्थ ईस्ट फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स (नाफोर्ड) में इसकी शिकायत की। इसके बाद नाफोर्ड एम्स ने मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए X हैंडल पर पोस्ट किया। अब पढ़िए नाफोर्ड एम्स की शिकायत
नाफोर्ड एम्स ने X पर लिखा- एम्स गोरखपुर में प्रसूति और स्त्री रोग विशेषज्ञ के साथ गंभीर नस्लीय उत्पीड़न और यौन हमला हुआ। 22 फरवरी की रात करीब 8 बजे गोरखपुर में ओरियन मॉल से बाहर निकलते समय 3 पुरुष उसे घूरते रहे और अभद्र टिप्पणियां कीं। देश के पूर्वोत्तर इलाके की रहने वाली डॉक्टर पर नस्लीय टिप्पणियां भी कीं। तीनों AIIMS के गेट नंबर-2 की ओर जाने वाली सड़क पर उसका पीछा करते रहे। इस दौरान वे सभी गालियां देते रहे। उनमें से एक ने महिला डॉक्टर को डराने के लिए जानबूझकर अपनी शर्ट उतार दी। गेट नंबर-2 पर सेना शिविर के पास एक आदमी ने महिला डॉक्टर को गलत तरीके से छुआ। इससे महिला डॉक्टर को गहरा सदमा और आघात पहुंचा। NAFORD ने CM को लेटर लिख कर तत्काल एक्शन की मांग की
नाफोर्ड के प्रेसिडेंट डॉ. देवेश दुबे ने बताया- नाफोर्ड ने CM योगी के नाम संबोधित एक लेटर जारी किया। इसमें घटना को गंभीर अपराध बताते हुए जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मांग कि गोरखपुर पुलिस को तुरंत FIR दर्ज करने और ओरियन मॉल व आसपास के CCTV फुटेज की जांच कर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दें। पीड़िता को पूरी सुरक्षा और काउंसलिंग दी जाए, साथ ही गोरखपुर के मेडिकल संस्थानों में महिला डॉक्टरों और पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा बढ़ाई जाए। एम्स थाने में FIR दर्ज
वहीं, SSP डॉ. कौस्तुभ ने बताया- जानकारी मिली है कि 22 फरवरी की रात को AIIMS की डॉक्टर से कुछ लोगों ने छेड़खानी की। डॉक्टर की शिकायत पर AIIMS थाने में उचित धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है। आगे की कार्रवाई की जा रही। NAFORD ने पोस्ट कर धन्यवाद दिया नाफोर्ड ने इस मामले में तत्काल एक्शन लेने और आरोपियों की गिरफ्तारी पर सीएम योगी और अन्य अधिकारियों को धन्यवाद दिया। सोशल मीडिया हैंडल X पर गोरखपुर पुलिस की पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए लिखा कि एक बार फिर हम सीएम योगी, एडीजी गोरखपुर, डीजीपी यूपी, गोरखपुर पुलिस, डीआईजी गोरखपुर को उनके सक्रिय, त्वरित और निर्णायक हस्तक्षेप के लिए एक बार फिर हार्दिक धन्यवाद देते हैं।

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