पंजाब के तरनतारन उपचुनाव में जीत भले ही AAP की हुई हो, लेकिन सुर्खियों में अकाली दल है। इसकी वजह अकाली उम्मीदवार सुखविंदर कौर रंधावा का AAP को टक्कर देना है। इस चुनावी लड़ाई के बीच जो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है, वो अमृतपाल सिंह बाठ का है। बाठ पर आरोप है कि उसने कनाडा में बैठकर फोन कर वोटरों को धमकाया और अकालियों को फायदा पहुंचाया। अमृतपाल सिंह बाठ UAPA समेत हत्या, इरादतन हत्या समेत आर्म्स एक्ट की संगीन धाराओं के तहत नामजद है। आरोप है कि उसी ने सुखविंदर रंधावा की बेटी कंचनप्रीत कौर की चुनाव में मदद की और इसी के बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। दोनों की एक ऑडियो भी वायरल हुई थी। बाठ 2019 से पहले भारत से कनाडा भाग गया था। उसके खिलाफ UAPA, हत्या, इरादतन हत्या, आर्म्स एक्ट की संगीन धाराओं समेत कुल 23 मामले दर्ज हैं। जानिए कौन है अमृतपाल सिंह बाठ… कंचनप्रीत का आरोप- बाठ को देश छोड़ने को मजबूर किया गया उधर, अकाली प्रत्याशी सुखविंदर रंधावा की बेटी कंचनप्रीत कौर आरोप लगाती हैं, ”विधायक हरमीत सिंह संधू ने बाठ को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया। पहले संधू अपनी गाड़ी में बाथ को घुमाया करते थे, लेकिन बाद में उसी के खिलाफ हो गए और उसे झूठे मामलों में फंसा दिया” फोन कर वोटरों को धमकाने के आरोप
11 नवंबर को झब्बाल पुलिस ने बाठ के खिलाफ केस दर्ज किया था कि उसने एक मतदाता को वॉट्सऐप कॉल कर धमकी दी थी कि वह अकाली दल को वोट दे। मतदाता की पत्नी गुरमीत कौर के अनुसार कॉल में कहा गया… मैं अमृत बाठ बोल रहा हूं। आपको शिरोमणि अकाली दल को वोट करना ही है। अगर नहीं किया तो वोट डलवाने के और तरीके भी हमें मालूम हैं। कंचनप्रीत को इसी एफआईआर में शुक्रवार को नामजद किया गया। चुनाव अवधि में बाठ के खिलाफ कम से कम चार एफआईआर दर्ज हुईं। कंचनप्रीत पर बाठ की मदद लेने का आरोप वहीं, कंचनप्रीत कौर पर आरोप है कि वह गलत तरीके से नेपाल के जरिए विदेश से आई हैं और अमृतपाल सिंह बाठ की सहायता ले रही हैं। विवाद इतना बढ़ा कि कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा को विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखना पड़ा। आप प्रवक्ता और पूर्व कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने तो पत्रकारवार्ता भी की। AAP प्रवक्ता बोले- पंजाब को फिर गैंगस्टरों के हवाले नहीं करेंगे इस पूरे घटनाक्रम के बाद शिरोमणि अकाली दल की तरफ से आम आदमी पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। जिसमें धर्मी फौजी की बेटी और महिला को प्रताड़ित करने के आरोप थे। इस पर आप के पूर्व मंत्री और प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल को पत्रकारवार्ता करनी पड़ी है। उनकी तरफ से कहा गया है कि उक्त परिवार के गैंगस्टर के साथ संबंध हैं और हम किसी भी हालत में पंजाब को गैंगस्टरों के हाथ नहीं सौंप सकते हैं।