तिब्बती युवा कांग्रेस की ‘ब्लैक हैट’ (काली टोपी) पदयात्रा अपने छठे दिन मंडी पहुंची। यह यात्रा 31 मार्च को धर्मशाला के मैक्लोडगंज से शुरू हुई थी। इसका उद्देश्य तिब्बत की आजादी, मानवाधिकारों के हनन और चीन द्वारा किए जा रहे दमन के खिलाफ आवाज उठाना है। यह पदयात्रा 25 अप्रैल को दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र से जुड़े दूतावास को ज्ञापन सौंपकर समाप्त होगी। इस यात्रा में लगभग 65 यात्री शामिल हैं, जिनमें महिलाएं भी बड़ी संख्या में हैं। मंडी पहुंचने पर पदयात्रियों का सबसे पहले खलियार स्थित नामधारी संगत के सतगुरु जी की कोठी में स्वागत किया गया। नामधारी संगत ने सभी यात्रियों को लंगर भी परोसा। यह कार्यक्रम पूर्व निर्धारित नहीं था, फिर भी स्थानीय संगत ने सेवा भाव दिखाया। महासचिव दिनेश ने तिब्बती युवा कांग्रेस के प्रयासों की सराहना की इसके बाद पदयात्रा मंडी के प्राचीन खुआरानी मंदिर पहुंची, जहां यात्रियों ने दर्शन किए। उपरांत, यह यात्रा इंदिरा मार्केट स्थित ओपन थिएटर पहुंची। यहां भारत-तिब्बत मैत्री संघ के महासचिव दिनेश कुमार के नेतृत्व में संघ के सदस्यों, तिब्बत सेटलमेंट ऑफिस और स्थानीय तिब्बती समुदाय ने यात्रियों का जोरदार स्वागत किया। सभी पदयात्रियों को पारंपरिक तिब्बती सम्मान ‘खाता’ (सफेद वस्त्र) पहनाकर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर महासचिव दिनेश कुमार ने तिब्बती युवा कांग्रेस के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह संगठन तिब्बत के लोगों के अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि भारत-तिब्बत मैत्री संघ हमेशा तिब्बती समुदाय के साथ खड़ा है और तिब्बत के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की आवश्यकता है, ताकि मानवाधिकारों के उल्लंघन पर वैश्विक ध्यान आकर्षित किया जा सके। उल्लेखनीय है कि तिब्बती युवा कांग्रेस लंबे समय से तिब्बत की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की बहाली के लिए अभियान चला रही है, और यह पदयात्रा भी उसी अभियान का एक हिस्सा है। स्वागत कार्यक्रम में सेटलमेंट सेक्रेटरी लहमो चौइदान, नवांग जी और राजेंद्र कुमार सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।