सरकारी अस्पतालों में दवा का रिकॉर्ड रियल टाइम सेंट्रलाइज्ड पोर्टल पर होगा। किस अस्पताल में कौन सी दवा उपलब्ध हैं, उस बारे में चिकित्सक को बताया जाएगा। ताकि बाहर की दवा लिखने की गुंजाइश न बचे, अगर फिर भी किसी डॉक्टर द्वारा बाहर से मिलने वाली दवा किसी मरीज की ओपीडी स्लीप पर लिखी जाती है तो डॉक्टर उस बारे में अस्पताल में दवा उपलब्ध न होने की बात लिखेंगे। इस कार्य के लिए सीएमओ की जवाबदेही तय होगी। यह निर्देश सीएम नायब सिंह सैनी ने जारी किए हैं। वे सोमवार को सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक एवं विस्तृत समीक्षा बैठक कर रहे थे। सीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सरकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सा उपकरणों की स्थिति, ओपीडी प्रबंधन, डॉक्टरों व स्टाफ की तैनाती, दवा एवं उपकरणों की खरीद प्रक्रिया तथा मरीजों को दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।