भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब रोडवेज और पनबस कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर सरकारी बसों का चक्का जाम तीसरे दिन भी जारी रहा । इसके परिणामस्वरूप यात्रियों को लगातार तीसरे दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं रविवार होने के चलते भी यात्रियों की भीड़ रही। पंजाब सरकार के आदेश पर विभाग के जनरल मैनेजरों ने प्रदेश में हड़ताल कर रहे 170 कर्मचारियों को नौकरी से हटाने का आदेश जारी कर दिया गया, इनमें से 16 यूनियन पदाधिकारी अमृतसर डिपो वन व डिपो टू से संबंधित हैं। इन्हें भी सरकार ने अनुशासनहीनता व हड़ताल में शामिल होने का आरोप लगा। यात्रियों को हुई परेशानियों के मद्देनजर विभाग को हुए नुकसान के नतीजन इन्हें नौकरी से फारग कर दिया गया है। इनमें डिपो नंबर वन से पंजाब रोडवेज, पनबस कंट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन के प्रदेश कैशियर बलजीत सिंह, डिपू प्रधान हीरा सिंह, चेयरमैन गुरविंदर सिंह, महासचिव सुखदेव सिंह, वरिष्ठ उपप्रधान सविंदर सिंह, प्रैस सचिव लवप्रीत सिंह्र, बलराज सिंह, अमृतसर डिपो टू से संयुक्त सचिव जोध सिंह, रेशम सिंह, गुरमुख सिंह, डिपो प्रधान केवल सिंह,महासचिव जुगराज सिंह, प्रेस सचिव तरजिंदर सिंह, परमिंदर सिंह,सुखबीर सिंह, सुखदेव सिंह इत्यादि को डयूटी से फारग कर दिया गया है। कादियां से श्री हरमंदर साहिब में नतमस्तक होने पहुंचे मनजिंदर सिंह ने खुलासा किया कि वह बीते दिन कादियां से यहां माथा टेकने अकेले ही पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वह कादियां वापस जाने के लिए बस स्टेंड पहुंचे हैं लेकिन अभी तक बसें शुरू नहीं हुई हैं। नतीजन अब प्राइवेट बस पर ही वापस जाना पड़ेगा । उन्होंने कहा कि सरकार को रोडवेज कर्मचारियों की जायज मांगे स्वीकार कर लेनी चाहिए। यात्रियों का आलम यह है कि संगरूर के गांव राजीवाल के मजदूर रजिंदर सिंह पत्नी सुरिंदर कौर का जेब में किराया नहीं होने के नतीजन हड़ताल के चलते श्री हरमंदर साहिब में ही दो दिन से डेरा जमाए हुए हैं । शुक्रवार को यहां सचखड़ में माथा टेकने पहुंचे मजदूर रजिंदर ने बताया कि पत्नी सुरिंदर व बच्चों का किराया नहीं लगने के चलते वे शुक्रवार की सुबह ही श्री हरमंदर साहिब पहुंच गए थे, लेकिन अचानक हड़ताल होने के चलते वह गुरुनगरी में ही फंस गए हैं। उन्होंने बताया कि वापसी के लिए पत्नी का बस किराया अदा करने के लिए पैसे नहीं हैं। इसी के चलते आज दोपहर बस स्टेंड पर सरकारी बस शुरू होेने का पता लेने पहुंचे थे। इस संबंधी हरियाणा के गुडगांव की कंपनी एस. राम मैन पावर सर्विस प्राइवेट लिमटिड कंपनी को पत्र भेजकर सूचित भी कर दिया गया है। डिपो वन के जीएम परमजीत सिंह संधू तथा डिपो टू के जनरल मैनेजर हरबिंदर सिंह गिल के हस्ताक्षरों से जारी नोटिस के तहत उक्त कार्रवाई की गई है। इन सभी को अनुशासनहीनता, हड़ताल में भाग लेने, यात्रियों को हुई परेशानी तथा विभाग को हुए नुकसान के आरोपों में नौकरी से हटा दिया गया है। इसके बावजूद उक्त पदाधिकारियों द्वारा रविवार को भी डिपो वन व डिपो टू के समक्ष प्रदर्शन जारी रखा गया। पदाधिकारी जोध सिंह व केवल सिंह ने दो टूक कहा कि जब तक पंजाब सरकार किलोमीटर स्कीम के टेंडर को रद्द नहीं करती तथा अन्य मांगों को मंजूर नहीं करती तब तक संघर्ष जारी रहेगा । प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पदाधिकारी जोध सिंह ने खुलासा किया कि दिल्ली में बैठे आप सरकार के नेताओं व पार्टी समर्थकों को फायदा पहुंचाने के लिए ही उक्त स्कीम को जबरदस्ती लागू किया जा रहा है । उन्होंने खुलासा किया कि इस स्कीम के तहत प्राइवेट बसों के मालिकों को बस परमिट बांटे जा रहे हैं। इसके तहत बसें आप समर्थक प्राइवेट मालिकों की होंगी, लेकिन यह बसें चलेंगी पनबस, पंजाब रोडवेज एवं पीआरटीसी के अधीन, इन पर लोगो भी सरकारी बसों का लगा होगा यानि बसें कहलाएंगी सरकारी लेकिन मालिक इसका प्राइवेट बिजनैसमैन होगा। पंजाब के परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर और पंजाब रोडवेज, पनबस कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों के बीच 7 घंटे चली लंबी बैठक के बाद सहमति बन गई है, जिसके चलते यूनियन ने रविवार रात 8 बजे हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी है। वहीं सोमवार से बसें दौबारा चलेगी।