दुबई में फंसे लोगों के लिए सोनू सूद आए आगे:फ्री में मुहैया करवाएंगे जगह, टूरिस्ट वीजा पर गए कई उठा रहे हैं मुश्किल

इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से दुबई में फंसे लोगों के लिए बॉलीवुड एक्टर सूद आगे आए हैं। उन्होंने लोगों को फ्री में रहने की जगह मुहैया करवाने की बात कही है। चाहे ये लोग भारत के रहने वाले हों या किसी अन्य देश से संबंधित हों, वह सबकी मदद करेंगे। इसके लिए उन्हें सिर्फ मैसेज करना होगा।
हर जरूरतमंद की मदद करेंगे सोनू सूद अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट डाली है। इसमें उन्होंने लिखा है कि युद्ध की वजह से कई यात्री दुबई में फंस गए हैं। अगर आप या आपका कोई जानने वाला वहां है और रहने की जगह नहीं है, तो हम फ्री में सुरक्षित ठहरने की सुविधा दे रहे हैं। कोई शर्त नहीं, कोई राष्ट्रीयता की पाबंदी नहीं। बस इंसानियत के नाते मदद की जा रही है। अगर आपको मदद चाहिए तो इंस्टाग्राम पर @dugastaproperties को मैसेज करें। अधिकतर पंजाबी भी दुबई में फंसे पंजाब के भी कई लोग इस समय दुबई में फंसे हुए हैं। पंजाब सरकार का कहना है कि वहां कितने लोग फंसे हैं, इसकी पक्की जानकारी अभी नहीं है। सरकार की तरफ से बनाए गए कंट्रोल रूम पर अब तक 150 से ज्यादा कॉल दुबई में फंसे लोगों की आ चुकी हैं। मंत्री डॉ रवजोत सिंह ने बताया था कि ज्यादातर लोग दुबई में होटलों में रुके हुए हैं। करीब 150 कॉल मिली हैं, लेकिन वहां काम करने वाले किसी भी व्यक्ति ने अब तक फोन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि नवंबर से मार्च तक टूरिस्ट सीजन होता है। ऐसे में ज्यादातर लोग घूमने के लिए दुबई गए थे और वहीं फंस गए।
बाढ़ के समय भी मदद को आगे आए पंजाब में बाढ़ के समय भी बॉलीवुड एक्टर साेनू सूद मदद के लिए आगे आए थे। अगस्त 2025 में जब पंजाब में भयंकर बाढ़ आई थी और 37 साल बाद ऐसे हालात बने थे, तब भी उन्होंने लोगों का साथ नहीं छोड़ा। वह अपनी बहन मालविका सूद के साथ खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे । मोगा, धर्मकोट, फाजिल्का, खमाणों और संगेरा जैसे क्षेत्रों में जाकर उन्होंने पीड़ित परिवारों की मदद की। इस दौरान लोगों को पीने का पानी, खाने का राशन, बेबी न्यूट्रिशन किट, कंबल, तिरपाल, हाइजीन किट, मच्छरदानी और पशुओं के लिए चारा बांटा गया। इसके अलावा मेडिकल कैंप भी लगाए गए। उन्होंने एक बच्चे का किडनी की बीमारी का इलाज भी करवाया। निचले इलाकों जैसे धर्मकोट और फाजिल्का में राशन पहुंचाने और रेस्क्यू के लिए दो नावें भी भेजी गईं। साथ ही प्रभावित परिवारों की आजीविका फिर से शुरू हो सके, इसके लिए 100 भैंसें देने का वादा भी किया गया। कोरोना काल भी उन्होंने लोगों की दिल खोलकर मदद की।

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