भास्कर न्यूज | अमृतसर देहाती के साइबर थाना में ऑनलाइन ठगी के 2 मामले दर्ज हुए हैं। एक मामले में रिटायर्ड फौजी को सोशल मीडिया पर निवेश का झांसा देकर 37.21 लाख रुपए ठग लिए गए, जबकि दूसरे मामले में खुद को डीएसपी बताकर बेटे के नाम पर कार्रवाई का डर दिखाकर बुजुर्ग से 4.50 लाख की ठगी कर ली गई। पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि ऐसे साइबर ठगी के कई शिकायतें साइबर पुलिस के पास पहुंच रही है, जिसमें अधिकतर बुजुर्गों को निशाना बनाया जा रहा है। बता दें कि बीते एक साल में सिटी और देहाती में साइबर अपराध से जुड़ी करीब 11 हजार शिकायतें (ऑनलाइन व ऑफलाइन) दर्ज हुईं, लेकिन इनमें से केवल 87 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। इन मामलों में 20 करोड़ से ज्यादा की साइबर ठगी हुई है। ऑनलाइन निवेश का लालच देकर और फर्जी पुलिस अधिकारी बन डराकर ठगी के मामले बढ़े हैं। साइबर ठग सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर पहले दोस्ती करते हैं फिर फर्जी ट्रेडिंग ऐप या वेबसाइट दिखाकर मुनाफे के नकली स्क्रीनशॉट भेजते हैं। शुरुआत में थोड़ी रकम वापस दिखाकर भरोसा जीतते हैं और बाद में बड़ी रकम जमा करवा लिंक तोड़ देते हैं। दूसरी तरह की ठगी में खुद को पुलिस, बैंक या सरकारी अधिकारी बताकर डर का माहौल बनाया जाता है। इससे बचने के लिए सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की निवेश सलाह पर भरोसा न करें। किसी भी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता जरूर जांचें। डर या लालच में आकर तुरंत पैसे न भेजें। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ऐप से दूरी रखें। अगर ठगी हो गई है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें या वेबसाइट cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें। मुकेश चौधरी, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ पहले मामले में गांव चक्क मिश्री खां लोपोके के रहने वाले आर्मी से रिटायर व्यक्ति ने बताया कि दिसंबर 2025 में फेसबुक पर उनकी पहचान वनीता वर्मा नाम की महिला से हुई। कुछ समय बाद दोनों के बीच मैसेंजर और व्हाट्सऐप पर बातचीत होने लगी। महिला ने उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने का लालच दिया और टेलीग्राम ग्रुप ट्रेडिंग 89471 व जेबट्रीक्स एक्सचेंज/ रिलाइज वेल्थ फ्रीडम नाम के प्लेटफॉर्म पर पैसे लगाने के लिए कहा। ग्रुप का ऑनर संजीव भटनागर बताया गया। फरवरी 2026 से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए अपने खाते से कुल 37,21,785 रुपए निवेश कर दिए। बाद में उनसे कहा गया कि अकाउंट अपग्रेड के लिए 18 लाख रुपए और जमा करने होंगे, तभी पैसा वापस मिलेगा। इसके बाद आरोपियों ने पैसा लौटाना बंद कर दिया और उन्हें ठगी का एहसास हुआ। जिसके बाद देहाती के साइबर सैल को शिकायत दी। दूसरे मामले में गांव चक्क मकंद थाना घरिंडा निवासी 60 वर्षीय झिरमिल सिंह के साथ ठगी हुई। उन्होंने बताया कि 2 मार्च 2026 को सुबह 10.45 बजे उनके मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को डीएसपी जरनैल सिंह बताया। कॉल करने वाले ने कहा कि उनके बेटे हरप्रीत सिंह पर सरकारी दस्तावेज लीक करने का मामला है और जांच में भले ही दोष नहीं मिला, लेकिन 6.50 लाख रुपए सरकारी जुर्माना लगा है। आरोपी ने तुरंत पैसे भेजने के लिए खाता नंबर दिया। डर के मारे 4.50 लाख रुपए बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में पता चला कि फोन करने वाला व्यक्ति असली पुलिस अधिकारी नहीं था और उनके साथ ठगी हो चुकी है।