धर्मशाला में पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने तीन साल के कार्यकाल में विकास के बजाय भ्रष्टाचार के नए रिकॉर्ड बनाए हैं। ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर रोज बड़ी-बड़ी बातें करने, लेकिन तीन साल के कामकाज का हिसाब न देने का आरोप लगाया। ठाकुर ने पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि उस दौरान उद्योग, निवेश और रोजगार बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए गए थे। उन्होंने 2019 की ग्लोबल इन्वेस्टर मीट का जिक्र किया, जिससे फार्मा, डिफेंस, एग्रीकल्चर और ग्रीन एनर्जी जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों में पारदर्शी निवेश हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में सिंगल विंडो क्लीयरेंस बंद है और निवेशक प्रदेश छोड़कर जा रहे हैं। पूर्व मंत्री ने सुक्खू सरकार पर नालागढ़, बद्दी और पांवटा साहिब में औद्योगिक भूखंडों के अवैध ‘चेंज ऑफ लैंड यूज’ (CLU) के माध्यम से करोड़ों रुपए की दलाली का आरोप लगाया। उन्होंने विशेष रूप से नालागढ़ के 150 बीघा जमीन के मामले का उल्लेख किया, जिसमें लगभग 16 करोड़ रुपए की डीलिंग की शिकायतें हैं। ठाकुर ने सवाल उठाया कि राजस्व विभाग की मंजूरी के बिना CLU कैसे संभव हुआ और यह खेल किसके इशारे पर खेला गया। बिक्रम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (HPSEDC) में आउटसोर्सिंग भर्ती घोटाले का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि NUVISION, ALAKH और CHAWLA DIGITAL जैसी कुछ पसंदीदा कंपनियों को ठेके देकर करोड़ों रुपए की हेराफेरी की गई। ठाकुर के अनुसार, इस प्रक्रिया में हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी करते हुए युवाओं का शोषण किया गया।