पूर्व क्रिकेटर व कांग्रेस के पूर्व पंजाब अध्यक्ष नवजोत सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने एक बार फिर बयान देकर पंजाब की सियासत में हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा कि नवजोत सिद्धू इस समय किसी पार्टी में नहीं है। 2022 से उन्हें पार्टी (कांग्रेस) ने बुलाया नहीं। नवजोत ने कहा कि 2017 में जब पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनी तब प्रियंका गांधी ने डिप्टी सीएम के साथ 7 डिपार्टमेंट नवजोत सिंह सिद्धू को दिए थे। मुझे सांसद पद। लेकिन मिला क्या एक डिपार्टमेंट। वह भी डेढ़ साल बाद ले लिया। उन्होंने कहा कि सिद्धू मेरी तरह मनमौजी हैं। ये बातें उन्होंने बुधवार (8 अप्रैल) को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं। इस दौरान डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने नई पार्टी से चुनाव लड़ने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मैं 2027 का विधानसभा चुनाव भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी से लड़ूंगी। पार्टी पंजाब की सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। नवजोत कौर ने कहा कि जब मैंने पति सिद्धू को बताया कि मैं नई पार्टी में जा रही तो उन्होंने इसे ड्रामा बताया। उन्होंने पार्टी की तरफ से खुद को सीएम चेहरा भी बताया। नवजोत कौर सिद्धू ने ये भी दावा किया कि सुखबीर बादल अफीम खाते हैं। वह उनकी सरकार में रही तो इसलिए सब पता है। इसके अलावा सुखबीर हर काम में 30% कमीशन भी लेते थे। हालांकि इस बारे में अभी अकाली दल का पक्ष नहीं आया है। नवजोत सिंह सिद्धू राजनीति से दूरी बनाए हुए हैं। वह इस समय कपिल शर्मा के शो और आईपीएल में कमेंट्री करते दिखाई दे रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने अपने घर बेटी ओर बेटे के नाम किए थे। CM बनने की चाह, चन्नी बने मुख्यमंत्री, यहीं से बढ़ी दूरी
पंजाब की राजनीति में नवजोत सिंह सिद्धू की भूमिका हमेशा चर्चा में रही है। कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाने में सिद्धू का अहम रोल माना जाता है। उस समय सिद्धू खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते थे। लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने उनकी जगह चरणजीत सिंह चन्नी को राज्य की कमान सौंप दी। उस वक्त नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे। प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया, फिर राजनीति से दूर हुए सिद्धू
2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को ही मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया। इससे नवजोत सिंह सिद्धू नाराज हो गए और चुनाव प्रचार नहीं किया। चुनाव में हार के बाद पार्टी ने सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया, जिसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली। सिद्धू कांग्रेस के कार्यक्रमों में नजर नहीं आए। वह मुंबई चले गए और टीवी रियलिटी शो और क्रिकेट कमेंट्री में व्यस्त हो गए। अचानक एक्टिव होकर कांग्रेस में हलचल मचाते सिद्धू
नवजोत सिद्धू पंजाब की राजनीति में एक्टिव नहीं हैं। लेकिन अकसर हलचल मचाते रहते हैं। 6 महीने पहले अचानक उन्होंने प्रियंका गांधी से मुलाकात की और उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। इसके बाद उनके समर्थकों ने सिद्धू की राजनीति में वापसी को लेकर चर्चाएं शुरू कर दीं। इसके बाद सिद्धू पटियाला में भी घूमते नजर आए। हालांकि उन्होंने कोई राजनीतिक बात नहीं की। 5 दिन पहले अमृतसर पहुंचे थे सिद्धू
5 दिन पहले सिद्धू अमृतसर में मशहूर ज्ञानी टी स्टॉल पर पहुंचे थे। सिद्धू ने स्टॉल पर बैठकर चाय पी। उन्होंने यहां की फेमस कचौरी का भी स्वाद चखा। इस दौरान उन्होंने प्रशंसकों से खुलकर बातचीत की और सेल्फी भी खिंचवाई। मीडिया से बातचीत में सिद्धू ने बताया कि जब भी वह अमृतसर आते हैं और उन्हें थोड़ा समय मिलता है, तो वह इस जगह पर जरूर आते हैं। सिद्धू ने कहा कि इस स्थान से उनका खास जुड़ाव है। यहां की चाय का स्वाद उन्हें हमेशा आकर्षित करता है।