लुधियाना के जगराओं में ठाठ नानकसर कलेरां के प्रमुख संत बाबा घाला सिंह की पंजाब सरकार ने सुरक्षा वापस ले ली। संत बाबा घाला सिंह की सुरक्षा वापस लेने पर राजनीतिक बवाल शुरू हो गया। संत बाबा घाला सिंह ने 19 फरवरी को हॉर्स शो के कार्यक्रम में माइक पकड़कर संगत को इस बार शिरोमणि अकाली दल का साथ देने के लिए कहा। उस कार्यक्रम में पूर्व डिप्टी सीएम व शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल भी मौजूद थे। कार्यक्रम के बाद पंजाब सरकार ने संत बाबा घाला सिंह की सुरक्षा हटाने के निर्देश जारी किए। उनके साथ सुरक्षा में लगे कर्मचारियों को वापस बुला दिया गया है। अब बाबा घाला सिंह के साथ कोई भी सुरक्षा कर्मी नहीं हैं। शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब सरकार पर बदले की राजनीतिक का आरोप लगा दिया। सुखबीर बादल ने इसे सरकार की छोटी सोच बताया और कहा कि संत बाबा घाला सिंह की सुरक्षा हटाना सीधे तौर पर बदले की राजनीति है।
एक एसआई और तीन कर्मी थे तैनात संत बाबा घाला सिंह की सुरक्षा में करीब 20 साल से एक एएसआई व तीन सुरक्षा कर्मी तैनात थे। नानकसर कलेरां के प्रतिनिधियों के अनुसार सरकार ने अब सभी सुरक्षा कर्मियों को वापस ले लिया और और संत बाबा घाला सिंह के पास कोई सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं है। हॉर्स शो में करवाए थे बाबा ने शिअद के पक्ष में हाथ खड़े शिरोमणि अकाली दल के जगराओं हलके के इंचार्ज व पूर्व विधायक एसआर कलेर ने कहा कि 19 फरवरी को हुए हॉर्स शो में संत बाबा घाला सिंह मुख्य अतिथि थे और उसी कार्यक्रम में शिअद प्रधान सुखबीर बादल अतिथि के तौर पर उपस्थित थे। उसी कार्यक्रम में उन्होंने संगत से हाथ खड़े करके शिअद को वोट देने के लिए कहा था। कलेर का आरोप है कि सरकार ने इसी बात से नाराज होकर उनकी सुरक्षा हटा दी है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी सुरक्षा बहाल नहीं की तो शिअद धरने प्रदर्शन करेगा। ठाठ नानकसर कलेरां बिगाड़ सकता है सरकार का चुनावी गणित ठाठ नानकसर कलेरां को मानने वाली संगत लाखों में है। लुधियाना व मोगा की एक दर्जन से ज्यादा सीटों पर उनका सीधा असर है जबकि पंजाब के हर विधानसभा क्षेत्र में नानकसर कलेरां की संगत है। संत बाबा घाला सिंह की सुरक्षा हटाने से विधानसभा चुनाव 2027 में सरकार का चुनावी गणित बिगड़ सकता है। जत्थेदार ज्ञानी गढ़गज ने सुरक्षा हटाने की निंदा की श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार कुलदीप सिंह गढ़गज ने कहा कि पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर के हालात ठीक नहीं हैं। संत बाबा घाला सिंह सिख धर्म का प्रचार प्रसार करने के लिए इधर-उधर जाते हैं। उनको कई सालों से सुरक्षा मिली हुई थी। उन्होंने साफ किया कि अगर बाबा घाला सिंह को कुछ भी हाेता है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।वहीं एसजीपीसी सदस्य ज्ञानी गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने इसे “बदले की राजनीति” करार देते हुए संत बाबा घाला सिंह की सुरक्षा पर पुनर्विचार की मांग की। सुखबी बादल बोले, सरकार की छोटी सोच
अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने संत की सुरक्षा वापस लेने को सरकार की “छोटी सोच” बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब की संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए सरकार को तुरंत संत बाबा घाला सिंह की सुरक्षा बहाल करनी चाहिए। उन्होंने इस फैसले की कड़े शब्दों में निंदा की।