महेंद्रगढ़ जिले के मोसनुता गांव के पास एक तेंदुए की मौत का मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को बरामद किया। डीएफओ विजेंद्र कुमार ने बताया कि मृत तेंदुए की उम्र लगभग 3 से 4 साल है। फिलहाल, विभाग मौत के कारणों और वन्यजीव सुरक्षा के पहलुओं की जांच में जुटा है। उन्होंने बताया कि विभाग ने सूचना मिलते ही तत्परता दिखाई और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस घटना को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और इसे वन्यजीवों की सुरक्षा की दिशा में एक गंभीर विषय के रूप में ले रहा है। 3 डॉक्टरों की टीम पोस्टमार्टम कर रही उन्होंने बताया कि डीसी कैप्टन मनोज कुमार के निर्देश अनुसार वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। प्रथम दृष्टया यह प्राकृतिक मौत का मामला प्रतीत होता है, जिसकी बारीकी से जांच की जा रही है। तीन पशु चिकित्सकों की टीम पोस्टमार्टम कर रही है। तकनीकी साक्ष्यों की ले रहे मदद डीएफओ ने बताया कि विभाग का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में वन्यजीवों के लिए एक सुरक्षित आवास सुनिश्चित करना है। डीएफओ विजेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि विभाग की टीमें क्षेत्र में नियमित गश्त और निगरानी करती रहती हैं, और इस घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए कैप्टन मनोज कुमार एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के समन्वय से तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। वन विभाग जागरूकता अभियान चला रहा स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर वन विभाग पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए निरंतर जन-जागरूकता अभियान भी चला रहा है। उन्होंने बताया कि वन विभाग ने क्षेत्र में अपनी निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया है ताकि भविष्य में ऐसी घटना ना हो। रिपोर्ट आने के बाद कारण स्पष्ट होंगे उन्होंने बताया कि फिलहाल तेंदुए के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। डीएफओ ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और वन्यजीवों से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें। वन विभाग पूरी पारदर्शिता के साथ इस मामले की जांच कर रहा है और सुरक्षित वन क्षेत्र बनाए रखने के अपने संकल्प पर अडिग है।