महेंद्रगढ़ जिले के गांव गहली में बेटा-बेटी समानता का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। यहां परिवार ने सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ते हुए बेटी का बनवारा घोड़ी पर बैठाकर पूरे उत्साह और परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ निकाला। इस पहल के माध्यम से ग्रामीणों को बेटियों को भी समान सम्मान और अवसर देने का संदेश दिया गया। गांव गहली निवासी रूपचंद व राजवण की सुपौत्री तथा सतबीर बडेसरा की बेटी प्रियंका का बनवारा बीती रात को पूरे रंग-चाव के साथ निकाला गया। इस दौरान प्रियंका को घोड़ी पर बैठाकर गांव में घुमाया गया। प्रियंका की शादी 26 नवंबर को होगी। दूल्हा बनिहाड़ी गांव से बारात लेकर आएगा। सहभोज भी हुआ जिसमें परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस मौके पर सहभोज का भी आयोजन किया गया। जिसमें परिजनों के अलावा परिचितों व रिश्तेदारों ने साथ मिलकर भोजन किया। ग्रामीणों ने इस पहल को सराहते हुए कहा कि समाज में बेटा-बेटी के भेदभाव को खत्म करने के लिए ऐसे उदाहरण प्रेरणादायक हैं। सरकारी नौकरी लगी हैं प्रियंका प्रियंका वर्तमान में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) नारनौल में एसडीसी पद पर कार्यरत हैं। परिवारजनों के अनुसार प्रियंका मिलनसार, मेहनती और अच्छे स्वभाव की हैं। उनका पालन-पोषण बचपन से ही बेटे की तरह किया गया और परिवार ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। बेटियों के प्रति बदले सोच परिवार का कहना है कि आज बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं, इसलिए उन्हें भी समान अवसर और सुविधाएं मिलनी चाहिए। यदि बेटे वंश के अग्रज माने जाते हैं तो बेटियां भी वंश को आगे बढ़ाने वाली जन्मदात्री होती हैं। समाज में वास्तविक बदलाव तभी संभव है जब बेटियों के प्रति सोच बदली जाए। दूल्हा केरला लगा हुआ प्रियंका का विवाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और सीजेएल परीक्षा पास कर वर्तमान में केरल में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत सौरभ दहिया के साथ तय हुआ है। सौरभ के पिता प्रताप सिंह खेती करते हैं, जबकि उनकी माता सरिता देवी गृहिणी हैं। सरपंच ने दी शुभकामना परिवार के अनुसार बारात 26 मार्च को गांव बनिहाड़ी से गहली पहुंचेगी। इस अवसर पर गांव गहली की सरपंच मनजीत देवी ने प्रियंका को शुभकामनाएं देते हुए इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।