नालंदा भगदड़, चश्मदीद बोले- पैसे लेकर एंट्री पर श्रद्धालु भड़के:भगदड़ मची; कुछ मिनटों में लाशें बिछीं, लोग कुचलते हुए गुजर रहे थे

बिहार के नालंदा जिले में मंगलवार सुबह शीतला माता मंदिर में भगदड़ मच गई। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई। चश्मदीदों ने बताया भीड़ ज्यादा थी। लोग काफी देर से दर्शन का इंतजार कर रहे थे। श्रद्धालु पंकज कुमार बोले- मंदिर में पैसे देकर एंट्री करवाई जा रही थी। भीड़ विरोध करने लगी, फिर धक्का-मुक्की हुई और भगदड़ मच गई। 20-25 लोग मेरे ऊपर गिर गए। रीता देवी ने कहा- मैं पटना से अपनी 4 सहेलियों के साथ नालंदा के मंदिर में दर्शन के लिए गई थी। धक्का-मुक्की के चलते सहेली देवंती जमीन पर गिरी, भीड़ उसे कुचलते हुए निकल गई। तड़प-तड़पकर उसकी मौत हुई। उमा देवी ने बताया- भीड़ बहुत थी। 6-7 मिनट में सब कुछ हो गया। जमीन पर लाशें बिछ गईं। भीड़ लाशों को कुचलते हुए आगे बढ़ रही थी। पढ़िए नालंदा भगदड़ की आपबीती … मैं सुबह 6 बजे से लाइन में लगा था… पंकज कुमार ने बताया- चैत्र महीने का आखिरी मंगलवार था। मैं सुबह करीब साढ़े 6 बजे नालंदा के शीतला माता मंदिर पहुंचा था। शीतला अष्टमी पर हर साल भीड़ होती है, लेकिन आज कुछ ज्यादा ही भीड़ थी। लोग दूर-दूर से आए थे, पटना, बिहारशरीफ, नवादा… हर तरफ से बस श्रद्धालु ही श्रद्धालु थे। लंबी लाइन लगी थी। महिलाएं सिर पर पूजा की टोकरी लिए खड़ी थीं, बच्चे लाइन में लगे हुए थे। कोई भजन गा रहा था, कोई जय माता दी के नारे लगा रहा था। ज्यादातर लोग जल्दी से जल्दी दर्शन कर लेना चाहते थे। मैं भी लाइन में लग गया। करीब 7 बजे तक लाइन इतनी लंबी हो गई कि पीछे खड़े लोगों का अंत दिखाई ही नहीं दे रहा थे। सबसे बड़ी समस्या ये थी कि लाइन सिर्फ नाम की। थी कोई बैरिकेडिंग नहीं, कोई दिशा नहीं। लोग साइड से घुसकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। कई बार वहां गहमागहमी भी हो गई। पैसे लेकर लोगों को एंट्री दी जा रही थी… पंकज कुमार ने बताया- करीब 8.30 बजे तक हालात बदलने लगे। कई बार धक्का-मुक्की भी हो रही थी। लोग चिल्ला रहे थे-लाइन में चलो…धीरे चलो। कोई सुनने वाला नहीं था। इसी बीच कुछ लोग जोर-जोर से चिल्लाने लगे कि पीछे के गेट से दर्शन करवाए जा रहे हैं, इसलिए हम लोग अंदर नहीं जा पा रहे हैं। पहले लगा कि कोई खास व्यवस्था होगी, लेकिन फिर आगे बढ़कर देखा कि पैसे लेकर लोगों को पीछे से सीधे अंदर भेजा जा रहा था। जो लोग लाइन में घंटों से खड़े थे, उनमें गुस्सा बढ़ने लगा। मेरे सामने खड़ी एक महिला बोली, “हम लोग सुबह से लाइन में हैं, और ये लोग पैसे लेकर सीधे अंदर जा रहे हैं… ये गलत है।” भीड़ विरोध करने लगी, फिर हल्की धक्का-मुक्की हुई। तब तक मैं मंदिर के अंदर पहुंच चुका था। मंदिर के अंदर या बाहर कोई पुलिस वाला नहीं था। करीब 9 बजे के आसपास इसी धक्का मुक्की में एक महिला गिर पड़ी, मंदिर में लगे लोग धक्का देकर दूसरे श्रद्धालुओं को हटाने लगे। इससे माहौल और बिगड़ता चला गया।” मां से कहा निकल जाते हैं, नहीं मानी, सीढ़ियों में गिरकर दब गई शीतला मंदिर में अपनी मां के साथ पूजा करने आई पूनम कुमारी ने बताया, ‘’पुजारी भी किसी को नहीं हटा रहे थे। लोग एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे। मैंने मां से कहा कि यहां से निकल जाओ। मम्मी नहीं मानीं, बोली बस पहुंच ही गए हैं, पूजा करके जाएंगे। पीछे से लोग धकेलने लगे। मम्मी सीढ़ी के नीचे दब गई। मेरी आंखों के सामने मां की जान चली गई।” लोग एक दूसरे के ऊपर गिरते गए… पंकज कुमार ने बताया, “मंदिर का गर्भगृह छोटा है, आने-जाने का रास्ता भी एक ही था, इसलिए धक्का-मुक्की के बीच भगदड़ मची। मेरे आगे खड़ी दो महिलाएं गिर पड़ीं। मैंने उन्हें उठाने की कोशिश की, लेकिन पीछे से इतनी जोरदार भीड़ आ रही थी कि खुद को संभालना मुश्किल हो गया। लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे, मैं भी भीड़ में गिर पड़ा। मेरे ऊपर 50 से ज्यादा लोग गिरते चले गए। इसके बाद बस बचाओ-बचाओ की चीखें सुनाई पड़ रही थीं। बस चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई कोई चिल्ला रहा था, कोई रो रहा था, कोई अपने बच्चे को ढूंढ रहा था।” 50 से ज्यादा महिलाएं जमीन पर गिरीं, कुछ बेहोश थीं पंकज कुमार ने बताया, ” मैं पूरी ताकत लगाकर एक खंभे के पास पहुंचकर खुद को संभाला। वहां से जो मौत का मंजर देखा वो कभी भूल नहीं सकता। कम से कम 50 महिलाएं जमीन पर गिरी होंगी, कुछ बेहोश थीं, कुछ हिल भी नहीं रही थीं। उनको लोग कुचलते हुए गुजर रहे थे। कुछ लोग चिल्ला रहे थे- पीछे हटो-पीछे हटो, लेकिन भीड़ को पता ही नहीं था कि आगे क्या हो रहा है। करीब 20 मिनट तक यही हालत रही। इसके बाद लोग गिरी हुई महिलाओं को उठाने लगे। मैंने भी एक महिला को उठाने में मदद की। वो बेहोश थी। उसके हाथ ठंडे हो चुके थे। लोग चिल्लाने लगे कि जल्दी एंबुलेंस बुलाओ। बड़ी बात यह है कि अभी तक भी कोई पुलिस वाला यहां नहीं पहुंचा था। लोग फोन कर रहे थे, लेकिन एंबुलेंस आने में काफी देर लग गई। इस बीच कुछ लोग ई-रिक्शा से ही घायलों को अस्पताल ले जाने लगे। मां पूजा करने गई थी,मौत हो गई… राकेश की मां रेखा देवी भी बाकियों की तरह मंदिर में पूजा करने आई थीं। उन्होंने बताया हम नूरसराय मथुरापुर में रहते हैं। हमने मां को मना किया था अकेले मत जाओ, उसने कहा कि मैं पूजा करने जाऊंगी। मैं घर पर था भगदड़ की खबर सुनकर यहां पहुंचा। मां को अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टर ने बताया कि वो मर चुकी है। मंदिर में कोई इंतजाम नहीं थे। अस्पताल में भी अफरा-तफरी थी। पंडा कमेटी और मंदिर प्रशासन मनमानी करते हैं गांव के ही नीरज कुमार ने बताया, “यहां पर पंडा कमेटी और मंदिर प्रशासन की बहुत मनमानी है। उसी के कारण ऐसा हुआ है। ये लोग किसी भी आयोजन से पहले प्रशासन को जानकारी ही नहीं देते हैं। पंडा कमेटी पैसा लेकर लोगों को अंदर घुसाती है। पुलिस के आने से उनकी कमाई खत्म हो जाती है। किसी से भी पूछ लीजिए, यही बताएगा। CCTV में भी आप देखेंगे की ये किसी को भी नियंत्रित करते नजर नहीं आ रहे हैं। सिर्फ चढ़ावे के चक्कर में लगे रहते हैं। मंदिर को ट्रस्ट में भी जाने नहीं देते हैं।” ——————————– इससे जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. बिहार- नालंदा के मंदिर में भगदड़, 9 की मौत:इनमें 8 महिलाएं; राष्ट्रपति की सुरक्षा में 2500 जवान, 10 हजार श्रद्धालुओं के लिए कोई नहीं बिहार में नालंदा जिले में मंगलवार सुबह शीतला माता मंदिर में भगदड़ मच गई। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई। 8 महिलाओं की भीड़ में दबने से मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक पुरुष ने अस्पताल में दम तोड़ा। चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार को शीतला अष्टमी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में पहुंचे थे। वहां मेला भी लगा था। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। पूरी खबर पढ़िए 2. लाशें ढूंढते रहे लोग, नालंदा भगदड़ की 15 तस्वीरें:40 मिनट बाद पहुंची एंबुलेंस, ई-रिक्शा पर लादकर बॉडी अस्पताल लाए परिजन नालंदा के मघड़ा में मंगलवार सुबह माता शीतलाष्टमी मंदिर में भगदड़ मच गई। इसमें 9 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में 8 महिलाएं और एक युवक शामिल हैं। भगदड़ में 6 लोग घायल हैं। चैत्र महीने का आज आखिरी मंगलवार है। मंदिर में इस दिन विशेष पूजा होती है। महिलाएं बड़ी संख्या में पूजा करने पहुंची थीं। एंबुलेंस हादसे के 40 मिनट के बाद पहुंची। हादसे के बाद परिजन अपनों की तलाश में मंदिर से लेकर अस्पताल तक चक्कर काटते रहे। लोग ई-रिक्शा से परिजनों की लाश ले जाते दिखे। हादसे की 15 तस्वीरें…

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