खगड़िया में निकाह के दौरान दूल्हे की गोली लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान मो. इरशाद के रूप में हुई है। वो मुंबई में टेलर था। दूल्हे के भाई शमशाद ने बताया कि, निकाह होने के बाद की रस्म चल रही थी। तभी एक लड़का आया। वो दूल्हे के बगल में कुर्सी पर बैठ गया। उसने बंदूक निकाली एक गोली हवा में चलाई। हमलोग एक दम दंग रह गए। उसने बंदूक में दूसरी गोली भरी और जैसे ही फायरिंग की गोली ऊपर ना जाकर दूल्हे की गर्दन में जा लगी। घटना शनिवार रात 11 बजे मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के कुतुबपुर इलाके की है। दूल्हे के बड़े भाई शमशाद ने बताया कि, हमलोग इरशाद को लेकर खगड़िया गए, लेकिन उसके गले से लगातार खून बह रहा था। कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। दुल्हन के सामने हुआ हादसा निकाह में मौजूद लोगों ने बताया कि, निकाह के दौरान अचानक गोली चली। हमलोग कुछ समझ पाते तब तक देखा कि दूल्हा कालीन पर गिरा हुआ है। उसकी गर्दन से बहुत ज्यादा खून निकल रहा था। दुल्हन को लोगों ने वहां से हटाया। सब ओर अफरा-तफरी मच गई। खुशी का माहौल मातम में बदल गया। दूल्हे के भाई और रिश्तेदार इरशाद को लेकर अस्पताल भागे, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। जिस लड़के ने फायरिंग की थी, वो फरार हो गया है। खगड़िया से बेगूसराय फिर पटना रेफर, रास्ते में मौत मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के कुतुबपुर में कुतुबपुर से ही बारात आई थी। मोहम्मद इरशाद की शादी रुखसार खातून से हो रही थी। घटना के वक्त दुल्हन रुखसार खातून भी मंच पर थी। रस्में निभाई जा रही थी, इसी दौरान हर्ष फायरिंग में चली गोली दूल्हे को लगी। आनन फानन में परिजन उन्हें खगड़िया शहर के बलुआही में स्थित नेक्टर अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टर ने उसे बेगूसराय रेफर कर दिया। बेगूसराय से भी डॉक्टर ने पटना रेफर कर दिया। तब तक रास्ते में दूल्हे मोहम्मद इरशाद की मौत हो गई। दूल्हे के बड़े भाई मोहम्मद शमशाद ने बताया, पहली फायरिंग की आवाज इतनी जबरदस्त थी कि सभी ने उसे फायरिंग करने से मना कर दिया। लेकिन उसने बुलेट लोड कर रखी थी। उंगली से ट्रिगर दब गया और गोली सीधे मेरे भाई दूल्हे मोहम्मद इरशाद के गले में लग गई।