निर्माण कार्य से तनावपूर्ण बना माहौल

भास्कर न्यूज | जालंधर गुरु अमरदास नगर क्षेत्र में स्थित पारदेश्वर सिद्धपीठ श्री गौरी शंकर मंदिर के मुख्य मार्ग पर लोहे का गाडर (बैरियर) लगाए जाने के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इस निर्माण की वजह से न केवल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं, बल्कि स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते इलाके में निगम प्रशासन और स्थानीय सोसाइटी के खिलाफ गहरा रोष है। मामले की गंभीरता तब बढ़ गई जब सोमवार रात को गुरु अमरदास नगर वसनिक सोसायटी के सदस्यों द्वारा मंदिर के बिल्कुल बाहर लोहे का गाडर लगाने का काम शुरू किया। जैसे ही इसकी सूचना मंदिर प्रबंधन और स्थानीय दुकानदारों को मिली, वे भारी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए। मंदिर कमेटी के प्रधान जतिंदर महाजन और कार्यकारी प्रधान विजय कुमार ने बताया कि रात के समय इस गाडर को लगाने का विरोध किया गया था और पुलिस प्रशासन से भी संपर्क किया गया, लेकिन पुलिस ने इस मामले पर ध्यान नहीं दिया। दुकानदारों और राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें मंदिर के आसपास व्यापार करने वाले दुकानदारों ने इस कदम को गलत ठहराया है। स्थानीय दुकानदार कमलकांत कालिया, रविंदर सिंह, जसबीर सिंह, गोविंद मेहता, गगनदीप, इकबाल सिंह और अमित ने संयुक्त रूप से कहा कि इस रास्ते पर गाडर लगाना तर्कसंगत नहीं है। नियमों की अनदेखी का आरोप मंदिर प्रबंधन कमेटी ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मार्ग पर इस तरह का कोई भी अवरोध खड़ा करने के लिए नगर निगम और संबंधित विभाग की अनुमति जरूरी होती है, लेकिन यहां नियमों को ताक पर रखकर निजी हितों के लिए रास्ता रोका जा रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक स्थल के ठीक सामने इस तरह की रुकावट पैदा करना आस्था के साथ खिलवाड़ है। निगम प्रशासन की ओर से कोई इजाजत नही वार्ड नंबर 1 की महिला पार्षद आशु शर्मा ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी है। उन्होंने पुष्टि की कि नगर निगम द्वारा इस गाडर को लगाने की कोई परमिशन नहीं दी गई है। सोसायटी के सदस्यों ने यह कदम अपनी मर्जी से उठाया है, जो कि कानूनी गलत है। गाडर लगाने का फैसला सोसाइटी की सहमति से गुरु अमरदास नगर वसनिक सोसाइटी के प्रधान अवतार सिंह ने कहा कि रात के समय इस मार्ग पर कमर्शियल वाहनों की आवाजाही बहुत बढ़ गई थी। इससे कॉलोनी में रहने वाले लोगों की शांति भंग हो रही थी और सुरक्षा का खतरा बना रहता था। उन्होंने दावा किया कि गाडर लगाने का फैसला सोसाइटी की सहमति से लिया गया है।

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