निलंबित DIG भुल्लर केस, CBI कोर्ट के संज्ञान को चुनौती:बोले- चालान अधूरा, पंजाब सरकार से मंजूरी नहीं ली, 27 मार्च को सुनवाई

पंजाब के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर ने अपने खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के मामले में CBI कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान को चुनौती दी है। उन्होंने मांग की है कि सीबीआई कोर्ट का संज्ञान आदेश वापस लिया जाए। भुल्लर की ओर से दलील दी गई कि सीबीआई द्वारा पेश किया गया चालान अधूरा है और मुकदमा चलाने के लिए जरूरी मंजूरी भी नहीं ली गई। इसी मामले में बिचौलिए कृष्नु शारदा ने भी कोर्ट के संज्ञान आदेश को चुनौती दी है। चंडीगढ़ सीबीआई अदालत ने दोनों अर्जियों पर सीबीआई को नोटिस जारी कर दिया है। अब इस मामले में 27 मार्च को सुनवाई होगी। भुल्लर के वकील ने उठाए ये सवाल भुल्लर के वकील एसपीएस भुल्लर ने कहा कि जांच एजेंसी ने अभी तक केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) रिपोर्ट और कुछ जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं। इसके अलावा केस चलाने के लिए राज्य सरकार से मंजूरी भी नहीं ली गई। वकील के अनुसार, ऐसे में कोर्ट द्वारा संज्ञान लेना सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भुल्लर उस समय पंजाब में तैनात थे, इसलिए केंद्र की बजाय राज्य सरकार से मंजूरी लेना जरूरी था। सीबीआई कोर्ट ने 13 मार्च को लिया संज्ञान इससे पहले 13 मार्च को सीबीआई कोर्ट ने भुल्लर और कृष्णु शारदा के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में संज्ञान लेते हुए ट्रायल शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई थी। वहीं, पिछले महीने ही भुल्लर के खिलाफ केस चलाने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी ली गई थी, क्योंकि वह आईपीएस अधिकारी हैं। रिश्वत लेने का आरोप, छापे में मिला करोड़ों का माल मामले के अनुसार, सीबीआई ने 16 अक्टूबर 2025 को भुल्लर और कृष्णु शारदा को गिरफ्तार किया था। दोनों पर मंडी गोबिंदगढ़ के एक कारोबारी से 8 लाख रुपए रिश्वत लेने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने भुल्लर के सेक्टर-40 स्थित घर पर छापा मारा था, जहां से करीब साढ़े 7 करोड़ रुपए नकद, ढाई किलो सोना, महंगी घड़ियां, शराब और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए थे। इसके आधार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया गया।

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