ईरान और इजरायल के बीच गहराते सैन्य तनाव और धमाकों की खबरों ने हरियाणा के नूंह जिले में रह रहे परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है। नूंह के गांव रायपुरी निवासी शमशुद्दीन का परिवार अपने बेटे जियार रहमान की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित है, जो पिछले तीन साल से ईरान में रहकर एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई कर रहा है। जियार के साथ ही गांव बिसरू का निवासी फहद भी वहीं मेडिकल की शिक्षा ग्रहण कर रहा है। पिता शमशुद्दीन ने बताया कि युद्ध जैसे हालात की खबरों के बीच उनके घर में बेचैनी का माहौल है और टीवी या सोशल मीडिया पर आने वाली हर खबर उनकी चिंता बढ़ा देती है। जियार रहमान बीते 17 जनवरी को बिगड़ते हालात के कारण स्वदेश लौट आया था, लेकिन स्थिति सामान्य समझकर वह 10 फरवरी को दोबारा अपनी पढ़ाई पूरी करने ईरान चला गया। अब एक बार फिर युद्ध छिड़ने की सूचनाओं के बाद परिवार अनहोनी की आशंका से डरा हुआ है। बेटे से लगातार संपर्क में हैं परिजन शमशुद्दीन के अनुसार, उनकी अपने बेटे से आखिरी बार कल दोपहर करीब 12:19 बजे बात हुई थी जब वह अपनी परीक्षा देने जा रहा था। इसके बाद रात 10 से 11 बजे के बीच भी दोबारा संपर्क हुआ। बेटे ने फोन पर बताया कि वहां वर्तमान में सभी भारतीय छात्र पूरी तरह सुरक्षित हैं और घबराने जैसी कोई प्रत्यक्ष स्थिति नहीं है। हालांकि, जियार ने स्वीकार किया कि जिस क्षेत्र में वे रह रहे हैं, वहां तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। सरकार से सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील बेटे की सलामती को लेकर फिक्रमंद शमशुद्दीन ने केंद्र और राज्य सरकार से गुहार लगाई है कि ईरान में मौजूद भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि भले ही एक पिता के तौर पर उनका कलेजा कांप उठता है, लेकिन उन्हें भारत सरकार पर पूरा भरोसा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूर्व के संकटों की तरह इस बार भी सरकार भारतीय दूतावास के जरिए छात्रों से संपर्क बनाए रखेगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्वदेश वापस लाएगी। अन्य अभिभावकों से संयम बनाए रखने की अपील शमशुद्दीन ने अन्य प्रभावित अभिभावकों से भी धैर्य रखने और संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में अफवाहों से बचना और सरकारी सूचनाओं पर भरोसा रखना ही सबसे बेहतर उपाय है।