नूरमहल ब्लॉक समिति के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के पदों के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। नकोदर-नूरमहल विधानसभा क्षेत्र में ब्लॉक समिति सदस्यों की मौजूदा स्थिति के अनुसार कांग्रेस के 5, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के 4, आम आदमी पार्टी (आप) के 3, शिरोमणि अकाली दल (बादल) के 2 और 1 निर्दलीय सदस्य हैं। बसपा के भीतर ही फूट पड़ने के संकेत आंकड़ों के हिसाब से, कांग्रेस और बसपा के गठबंधन के पास बहुमत का आंकड़ा है। हालांकि, इस बार बसपा के भीतर ही फूट पड़ने के संकेत मिल रहे हैं। कुछ सदस्यों का मानना है कि हर बार केवल एक या दो नेताओं को ही चेयरमैन बनाया जाता है, जबकि इस बार किसी अन्य सदस्य को मौका मिलना चाहिए। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, नूरमहल में बसपा उम्मीदवार को कांग्रेस का समर्थन मिल सकता है। यह इसलिए भी संभव है क्योंकि नकोदर में बसपा ने कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में वोट दिया था। हालांकि, यह सब इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन बरकरार रहता है या नहीं। शिरोमणि अकाली दल के सिर्फ दो सदस्य दूसरी ओर, शिरोमणि अकाली दल के दो सदस्य हैं। निर्दलीय सदस्य हरजोत सिंह फरवाला को हाल ही में गांव भुल्लर में एडवोकेट राजकमल सिंह भुल्लर के घर हुई एक बैठक में अकाली नेताओं के साथ देखा गया। इस दौरान उन्हें शॉल भेंट कर सम्मानित भी किया गया। बैठक में यह घोषणा की गई कि शिरोमणि अकाली दल के ये तीनों सदस्य (दो अकाली और एक निर्दलीय) किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं करेंगे। राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि बसपा का एक बागी सदस्य चेयरमैन पद के लिए दावेदारी पेश कर रहा है। वहीं, हरजोत सिंह फरवाला वाइस चेयरमैन पद के लिए अपना दावा जता रहे हैं, हालांकि उनका कहना है कि वे अकाली हैं और अकाली ही रहेंगे। अभी चुनाव की घोषणा नहीं सरकार ने अभी तक चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव की तारीख की घोषणा नहीं की है। नकोदर की आम आदमी पार्टी विधायक बीबी इंदरजीत कौर मान, पंजाब बसपा महासचिव श्री गुरमेल चुंबर, नकोदर के शिरोमणि अकाली दल सेवादार हरकमल सिंह भुल्लर और नकोदर के कांग्रेस हलका इंचार्ज डॉ. नवजोत सिंह दहिया जैसे प्रमुख नेता इस चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय हैं। अब यह देखना बाकी है कि कौन सा दल या गठबंधन अपनी ताकत दिखाकर या आपसी समझौते से ब्लॉक समिति के चेयरमैन की कुर्सी पर काबिज होता है।