यूपी विधानसभा में आज बजट सत्र का 7वां दिन है। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा- थानेदार तक हमारा फोन तक नहीं उठाते। आपने कई बार आदेश दिया लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। एक बार फिर सदन पुलिस अधिकारियों को आदेश करे कि जनप्रतिनिधियों का फोन उठाएं। इस पर मंत्री असीम अरुण ने जवाब दिया। कहा- ऐसा हो सकता है कि कुछ अधिकारी बदतमीज हों। लेकिन कई बार अधिकारी बीमार हो सकता है, छुट्टी पर हो सकता है इसलिए फोन नहीं उठा रहा होता। रागिनी सोनकर ने व्यंग्य सुनाकर इंटर कॉलेजों में विज्ञान संकाय की बदहाली का मुद्दा उठाया तो माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने शायरी सुनाकर उनको जवाब दिया। विधायक अतुल प्रधान ने जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुख चुनाव सीधे जनता से कराने की मांग की। सपा विधायक संदीप सिंह पटेल ने कहा-जिस प्राइमरी स्कूल से पढ़कर लोग आईएएस पीसीएस बनते थे, उसकी स्थिति खराब हो गई। टीचर पढ़ाए कैसे, उससे तो कभी एसआईआर का काम करवाया जा रहा तो कभी कुत्तों की गिनती में लगा दिया जा रहा। विधायक पल्लवी पटेल ने विश्वविद्यालय में कार्यरत प्रोफेसर्स को चिकित्सा अवकाश नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। इस पर उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि जिस तरह विवि और कॉलेजों में रिटायरमेंट की आयु अलग-अलग है, उसी तरह अवकाश की अवधि और नियम भी अलग-अलग होते हैं। उधर, विधान परिषद में एक घंटे का प्रश्नकाल महज 11 मिनट में खत्म हुआ। विपक्ष की ओर से महज 3 सवाल पूछे गए। सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने 2 और निर्दल गुट के राजबहादुर चंदेल ने एक सवाल पूछे। भाजपा एमएलसी हरि सिंह ढिल्लों ने कहा विपक्ष भी सरकार के कार्यो से संतुष्ट है। मंगलवार को विधानसभा और विधान परिषद में क्या-क्या हुआ? जानने के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…