हरियाणा के पंचकूला में मकान दिखाकर 10 लाख रुपए ठग लिए गए। पीड़ित को बाद में पता लगा कि जो मकान दिखाया गया था, वो तो पहले ही बिक चुका है। जिसके बाद पीड़ित ने पंचकूला के पिंजौर थाना में धारा 316(2),318(4) bns 2023 के तहत मामला दर्ज करवाया है। पंचकूला के सूरजपुर निवासी जरनैल सिंह ने बताया कि उसने 22 जून 2020 को चंडीगढ़ निवासी विजेंद्र मलिक से 10 लाख रुपए का एक मकान खरीदा था। जो कि उस समय खंडहर हालात में था। मकान मालिकों से उसकी मुलाकात पंजाब के ढकौली निवासी पूनम ने करवाई थी। उसे बताया गया कि 7-ए के कारण रजिस्ट्री नहीं हो सकती। जिस पर उसने 9 लाख 75 हजार रुपए दे दिए और केवल 25 हजार रजिस्ट्री के समय देने की बात हुई। पीड़ित जरनैल सिंह ने पूनम से साल 2021 में कहा कि वह कब्जा दिलवा दे लेकिन पूनम ने विजेंद्र मलिक से बात नहीं करवाई। उसने बार-बार जाकर दबाव बनाया लेकिन कभी उससे बात नहीं करवाई। साल 2025 में आकर उसे पता लगा कि वो मकान तो आरोपी पहले ही बेच चुके हैं। तहसील ऑफिस में जाकर उसने डॉक्यूमेंट चेक करवाए तो पता लगा कि अब विजेंद्र मलिक के नाम पर कोई जमीन नहीं है। ट्राईसिटी में चल रहे हैं मुकदमें जरनैल सिंह के अनुसार जब वह फंस गया तो दोनों महिलाओं विजेंद्र व पूनम के बारे में पड़ताल की। जिस पर पता लगा कि दोनों के खिलाफ मोहाली-चंडीगढ़ और पंचकूला में धोखाधड़ी के केस चल रहे हैं। इनमें से एक महिला 8 महीने तक अंबाला जेल में भी रह चुकी है।