पंचकूला वार्डबंदी मामला: रिप्लाई फाइल नहीं कर पाई सरकार:हाईकोर्ट में 11 को फिर सुनवाई ; कांग्रेस की दलील- बिना वार्ड घटे कैसे कम हुआ

पंचकूला नगर निगम का चुनाव की प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग ने शुरू कर दी है लेकिन मामला हाईकोर्ट में लंबा खींचते हुए नजर आ रहा है। कांग्रेस ने हाईकोर्ट में वार्डबंदी के खिलाफ याचिका लगा रखी है। जिसका जवाब प्रदेश सरकार की ओर से नहीं दिया गया। जिसके चलते अब 11 मार्च को इसकी सुनवाई होगी। पंचकूला में नगर निगम चुनावों से पहले वार्डबंदी को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस पार्टी ने सरकार द्वारा तय की गई नई वार्डबंदी के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में म्यूनिसिपल एक्ट-1994 के नियमों की अनदेखी करने और मनमाने ढंग से वार्डों के सीमांकन का गंभीर आरोप लगाया गया है। कांग्रेस ने अपनी याचिका में कानूनी प्रावधानों को आधार बनाते हुए कहा है कि नियमों के मुताबिक, किसी भी निगम क्षेत्र में वार्डबंदी में बदलाव तभी किया जा सकता है जब निगम की सीमाओं में कोई नया क्षेत्र जोड़ा गया हो या घटाया गया हो। कांग्रेस का दावा है कि पंचकूला के मामले में ऐसा कोई बदलाव नहीं हुआ, फिर भी वार्डबंदी को बदल दिया गया। एससी वार्ड कम करने का आरोप कांग्रेस ने प्रशासन पर एससी की आबादी बढ़ने के बावजूद नई वार्डबंदी में एक एससी वार्ड कम करने का आरोप लगाया है। बिना वार्डों की संख्या घटाए या बढ़ाए एससी का एक वार्ड कम किए जाने का मुद्दा भी कांग्रेस ने अपनी याचिका में उठाया है। कांग्रेस की आपत्तियों के आधार.. वार्ड आरक्षण का भी हो चुका ड्रा पचंकूला नगर निगम के वार्ड नंबर 16 को महिला अनुसूचित जाति आरक्षित घोषित किया गया। इसी प्रकार वार्ड नंबर 7 और वार्ड नंबर 17 को अनुसूचित जाति (SC) वार्ड, वार्ड नंबर 19 को बीसीए महिला आरक्षित वार्ड और वार्ड नंबर 18 को बीसी-बी महिला आरक्षित वार्ड घोषित किया गया। इसी प्रकार सामान्य (महिला) वर्ग के लिए 4 वार्ड आरक्षित घोषित किए गए, जिनमें वार्ड नंबर 1, वार्ड नंबर 2, वार्ड नंबर 11 और वार्ड नंबर 15 शामिल हैं।
27 मार्च को वोटर लिस्ट का फाइनल प्रकाशन
राज्य निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन की तिथि 27 मार्च निर्धारित की गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 28 फरवरी को वार्डवार प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद आम नागरिकों से दावे एवं आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी, ताकि सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि को समय रहते सुधारा जा सके। दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 7 मार्च निर्धारित की गई है। 12 मार्च तक संशोधन प्राधिकारी द्वारा इनका निपटारा किया जाएगा। संशोधन प्राधिकारी के आदेशों के विरुद्ध उपायुक्त के समक्ष अपील दायर करने की अंतिम तिथि 16 मार्च रखी गई है। अपीलों के निपटान की अंतिम तिथि 19 मार्च निर्धारित की गई है। सभी दावे एवं अपीलों के निपटान के बाद 27 मार्च को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *