पंचकूला DRO को बड़ी राहत, कोर्ट से अंतरिम जमानत:गिरफ्तार नहीं कर पाएगी ACB, जॉइन करनी होगी इन्वेस्टिगेशन, 17 को फिर सुनवाई

पंचकूला के हरियाण शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के DRO जोगिंद्र शर्मा को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश बिक्रमजीत अरोड़ा की कोर्ट से वीरवार को बड़ी राहत मिली। कोर्ट ने जोगिंद्र शर्मा को अंतरिम जमानत प्रदान करते हुए इन्वेस्टिगेशन जॉइन करने के निर्देश दिए हैं। वहीं उनकी गिरफ्तारी पर भी रोक लगा दी गई है। गिरफ्तारी से बचने के लिए 6 फरवरी को जोगिंद्र शर्मा ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। जिस पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश बिक्रमजीत अरोड़ा की कोर्ट में 11 फरवरी को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद बहस के लिए 12 फरवरी की डेट में केस चला गया था। जिस पर आज दोनों पक्षों के बीच कोर्ट में लंबी बहस चली। बचाव पक्ष के वकील दीपांशु बंसल ने कोर्ट में दलील रखते हुए कहा कि ACB के पास कोई ऐसा ठोस सुबूत नहीं है, जिससे साबित हो सके कि इस केस में जोगिंद्र शर्मा का कोई रोल है। पीसी एक्ट 7 ए की परमिशन भी एसीबी के पास नहीं है। डिसक्लोजर रिपोर्ट की कोई वैल्यू नहीं है। जमीन पर्ल ग्रुप की थी, इसका भी कोई सुबूत जांच टीम के पास नहीं है। कोई रिश्वत डिमांड, स्वीकृत और रिकवरी केस में नहीं है। एसीबी की तरफ से सरकारी वकील ने जोगिंद्र शर्मा को कोर्ट में मुख्य साजिशकर्ता बताया। लेकिन तमाम सुनवाई के बाद कोर्ट ने डीआरओ जोगिंद्र शर्मा को अंतरिम जमानत देते हुए इन्वेस्टिगेशन जॉइन करने के आदेश दिए हैं। तहसीलदार विक्रम सिंगला का मांगा रिकॉर्ड
हरियाणा के पंचकूला में ACB के द्वारा गिरफ्तार किए गए रायपुर रानी के तहसीलदार विक्रम सिंगला के खिलाफ अब विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। वित्तायुक्त के आदेश पर अंबाला कमिश्नर ने भी पंचकूला DC से तहसीलदार विक्रम सिंगला से जुड़ा रिकॉर्ड मांग लिया है। अंबाला कमिश्नर ने पंचकूला डीसी से तहसीलदार विक्रम सिंगला से जुड़े केस में उनके द्वारा की गई रजिस्ट्री, केस से जुड़े गवाहों की सूची व दूसरे दस्तावेज मांगे गए हैं। विभाग मुख्यालय द्वारा जांच का जिम्मा अंबाला कमिश्नर को सौंपी गई है। अंबाला कमिश्नर ने एक सप्ताह में तमाम रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने के लिए पत्र लिखा है। जिसके बाद जांच कर कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी। SDM ने लिखा पत्र, बदले जाएं कर्मचारी तहसीलदार विक्रम सिंगला की गिरफ्तार के बाद से एसडीएम चंद्रकांत कटारिया हरकत में आए हैं। वे डीसी व कमिश्नर अंबाला को लगातार पत्र लिख रहे हैं। तहसीलदार की गिरफ्तार के अगले ही दिन उन्होंने विक्रम सिंगला के साथ तैनात रजिस्ट्री क्लर्क व कम्प्यूटर ऑपरेटर की भूमिका जांचने के लिएा पत्र लिखा था। एसडीएम चंद्रकांत कटारिया ने अब कमिश्नर अंबाला को पत्र लिखकर प्रदेश सरकार के आदेश का हवाला दिया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि पब्लिक डीलिंग से जुड़ी सीटों पर छह माह से अधिक जमे कर्मियों का ट्रांसफर किया जाना चाहिए। कमिश्नर ने भी एसडीएम के पत्र पर संज्ञान लेते हुए डीसी पंचकूला को लिखा है कि हरियाणा सरकार के आदेशानुसार कार्यवाही की जाए। जिस पर अब कर्मियों को इधर-उधर करने की तैयारी चल रही है।

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