सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट और पूर्व AAP नेता एचएस फूलका बुधवार (1 अप्रैल) को BJP में शामिल हो गए। उन्होंने दिल्ली में पार्टी जॉइन की। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने उन्हें पार्टी का पटका पहनाया। इस दौरान पंजाब भाजपा के प्रधान सुनील जाखड़ और वर्किंग प्रधान अश्वनी शर्मा भी मौजूद रहे। इस दौरान फूलका ने AAP पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि AAP के दांत दिखाने के और, खाने के और हैं। अन्ना आंदोलन के दौरान पार्टी से जुड़े। लेकिन बाद में निराश होकर अलग हो गए। पंजाब में कानून व्यवस्था खराब है। गैंगस्टरवाद, फिरौती कॉल और भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। आगे आने वाली सरकार BJP की बनाने की कोशिश करेंगे। वहीं, CM भगवंत मान ने फूलका के BJP जॉइन करने पर कहा कि उनको मुबारक, मेरे पुराने साथी रहे हैं। मैं पार्लियामेंट में था, वह विधानसभा में थे। उन्होंने नेता विपक्ष (LOP) से भी इस्तीफा दे दिया था। दाखा विधानसभा से भी रिजाइन कर दिया था। अगर लोगों ने कोई बंदा चुना और वह बीच में छोड़ जाए, यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। मैंने तो आज तक ऐसे व्यक्ति को दोबारा जीतते हुए नहीं देखा। फूलका की अहम बातें… केंद्रीय मंत्री बोले- फूलका का नाम पूरी दुनिया में जाना जाता है
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि हमें खुशी है। फूलका का नाम पूरी दुनिया में जाना जाता है। 1984 में जो हुआ, वह दंगे नहीं थे बल्कि सिख कम्युनिटी के लोगों का खून बहाया गया। अत्याचार किया गया। 2023 में इसके एक आरोपी को सजा हुई। यह शुरू से जंग लड़ रहे हैं। फूलका से हमारा पुराना रिश्ता है। 1992 में जब दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी तो मदद लाल खुराना के एडवाइजर रहे। अब पढ़िए कौन हैं एचएस फूलका
फूलका सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट हैं। उन्हें मुख्य रूप से 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए उनके आजीवन संघर्ष करने का प्रण लेने के लिए जाना जाता है। 2019 में केंद्र सरकार ने उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया। फूलका का जन्म 24 अगस्त 1955 को पंजाब के बरनाला जिले के भदौड़ गांव में हुआ। उनका बचपन गांव में बीता और उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई भी वहीं के स्थानीय स्कूलों से की। फूलका के पिता का नाम सरदार अमर सिंह फूलका था। वे एक किसान थे और खेती-बाड़ी से जुड़े हुए थे। उनकी माता का नाम हरबंस कौर था। दिल्ली सिख दंगा पीड़ितों के केस से मिली पहचान
एसएस फूलका ने दिल्ली सिख दंगों के पीड़ितों के लिए 35 साल से अधिक समय तक बिना कोई फीस लिए कानूनी लड़ाई लड़ी। इस केस में उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा दिलवाने और जगदीश टाइटलर के खिलाफ मामलों को उठाकर केस को निर्णय तक पहुंचाया। फूलका बताते हैं कि 1984 में वे खुद और गर्भवती पत्नी इस दंगे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे थे। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा जीवन इन पीड़ितों को समर्पित कर दिया। 2014 में आम आदमी पार्टी जॉइन की
फूलका ने 2014 में AAP जॉइन की। उन्होंने 2014 का लोकसभा चुनाव लुधियाना से लड़ा। लेकिन हार गए। इसके बाद 2017 में वे पंजाब के दाखा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए और पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता बने।